13 मार्च 2028 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 13 मार्च 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 13 मार्च 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (10:09 तक), नक्षत्र चित्रा (12:24 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 08:33 से 10:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:55
रात 07:03 तक
तिथि
तृतीया, 10:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 12:24 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 10:09 तक
कृष्ण चतुर्थी 07:53, 14 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 12:24 तक
स्वाति 10:56, 14 मार्च तक
योग
ध्रुव 18:33 तक
व्याघातअशुभ 15:45, 14 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:09 तक
बव 20:56 तक
बालव 07:53, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
22:44
चंद्रास्त
08:02
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
08:33 – 10:02
यमगंड
11:31 – 13:00
गुलिक काल
14:28 – 15:57

13 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:04 – 08:33शुभ
काल08:33 – 10:02टालें
शुभ10:02 – 11:31शुभ
रोग11:31 – 13:00टालें
उद्वेग13:00 – 14:28टालें
चर14:28 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:26शुभ
अमृत17:26 – 18:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:55 – 20:26सामान्य
रोग20:26 – 21:57टालें
काल21:57 – 23:28टालें
लाभ23:28 – 00:59शुभ
उद्वेग00:59 – 02:30टालें
शुभ02:30 – 04:01शुभ
अमृत04:01 – 05:32शुभ
चर05:32 – 07:03सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0408:03दिन
शनि08:0309:03दिन
गुरु09:0310:02दिन
मंगल10:0211:01दिन
सूर्य11:0112:00दिन
शुक्र12:0013:00दिन
बुध13:0013:59दिन
चंद्र13:5914:58दिन
शनि14:5815:57दिन
गुरु15:5716:57दिन
मंगल16:5717:56दिन
सूर्य17:5618:55दिन
शुक्र18:5519:56रात
बुध19:5620:56रात
चंद्र20:5621:57रात
शनि21:5722:58रात
गुरु22:5823:58रात
मंगल23:5800:59रात
सूर्य00:5901:59रात
शुक्र01:5903:00रात
बुध03:0004:01रात
चंद्र04:0105:01रात
शनि05:0106:02रात
गुरु06:0207:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।