2 जनवरी 2029 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 2 जनवरी 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 2 जनवरी 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (07:36 तक), नक्षत्र पुष्य (15:14 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 16:31 पर है। राहुकाल 14:13 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 16:31
रात 07:18 तक
तिथि
तृतीया, 05:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 15:14 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 07:36 तक
कृष्ण तृतीया 05:33, 3 जन॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 03:19, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:14 तक
आश्लेषा 13:48, 3 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 04:08, 3 जन॰ तक
प्रीति 01:07, 4 जन॰ तक
करण
गर 07:36 तक
वणिज 18:36 तक
विष्टि (भद्रा) 05:33, 3 जन॰ तक
बव 16:27, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
16:31
चंद्रोदय
19:06
चंद्रास्त
08:36
दिनमान
9h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:13 – 15:22
यमगंड
09:36 – 10:45
गुलिक काल
11:54 – 13:04

2 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:18 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 09:36टालें
चर09:36 – 10:45सामान्य
लाभ10:45 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:04शुभ
काल13:04 – 14:13टालें
शुभ14:13 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:31 – 18:22टालें
लाभ18:22 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 22:04टालें
शुभ22:04 – 23:54शुभ
अमृत23:54 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:27टालें
काल05:27 – 07:18टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1808:04दिन
सूर्य08:0408:50दिन
शुक्र08:5009:36दिन
बुध09:3610:22दिन
चंद्र10:2211:08दिन
शनि11:0811:54दिन
गुरु11:5412:40दिन
मंगल12:4013:27दिन
सूर्य13:2714:13दिन
शुक्र14:1314:59दिन
बुध14:5915:45दिन
चंद्र15:4516:31दिन
शनि16:3117:45रात
गुरु17:4518:59रात
मंगल18:5920:13रात
सूर्य20:1321:27रात
शुक्र21:2722:40रात
बुध22:4023:54रात
चंद्र23:5401:08रात
शनि01:0802:22रात
गुरु02:2203:36रात
मंगल03:3604:50रात
सूर्य04:5006:04रात
शुक्र06:0407:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2622° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।