2 मार्च 2029 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 2 मार्च 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 2 मार्च 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (00:14, 3 मार्च तक), नक्षत्र हस्त (22:05 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:42
रात 06:21 तक
तिथि
तृतीया, 00:14 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
हस्त, 22:05 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 00:14, 3 मार्च तक
कृष्ण चतुर्थी 20:58, 3 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 22:05 तक
चित्रा 19:32, 3 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 00:11, 3 मार्च तक
वृद्धि 20:19, 3 मार्च तक
करण
वणिज 14:00 तक
विष्टि (भद्रा) 00:14, 3 मार्च तक
बव 10:33, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
20:41
चंद्रास्त
07:00
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:02
यमगंड
14:52 – 16:17
गुलिक काल
07:48 – 09:13

2 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:48सामान्य
लाभ07:48 – 09:13शुभ
अमृत09:13 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:27शुभ
रोग13:27 – 14:52टालें
उद्वेग14:52 – 16:17टालें
चर16:17 – 17:42सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:42 – 19:17टालें
काल19:17 – 20:52टालें
लाभ20:52 – 22:27शुभ
उद्वेग22:27 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:46सामान्य
रोग04:46 – 06:21टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:19दिन
बुध07:1908:16दिन
चंद्र08:1609:13दिन
शनि09:1310:09दिन
गुरु10:0911:06दिन
मंगल11:0612:02दिन
सूर्य12:0212:59दिन
शुक्र12:5913:56दिन
बुध13:5614:52दिन
चंद्र14:5215:49दिन
शनि15:4916:45दिन
गुरु16:4517:42दिन
मंगल17:4218:45रात
सूर्य18:4519:48रात
शुक्र19:4820:52रात
बुध20:5221:55रात
चंद्र21:5522:58रात
शनि22:5800:02रात
गुरु00:0201:05रात
मंगल01:0502:08रात
सूर्य02:0803:11रात
शुक्र03:1104:15रात
बुध04:1505:18रात
चंद्र05:1806:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।