23 अप्रैल 2029 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 23 अप्रैल 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 23 अप्रैल 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (22:53 तक), नक्षत्र आश्लेषा (05:58 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 19:40 पर है। राहुकाल 07:40 से 09:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 19:40
रात 05:56 तक
तिथि
दशमी, 22:53 तक
एकादशी
नक्षत्र
मघा, 04:27 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 22:53 तक
शुक्ल एकादशी 20:07, 24 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 04:27, 24 अप्रैल तक
पूर्वा फाल्गुनी 02:19, 25 अप्रैल तक
योग
गंडअशुभ 12:23 तक
वृद्धि 09:17, 24 अप्रैल तक
करण
तैतिल 12:01 तक
गर 22:53 तक
वणिज 09:34, 24 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 05:58 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
19:40
चंद्रोदय
14:13
चंद्रास्त
02:56
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
07:40 – 09:23
यमगंड
11:06 – 12:49
गुलिक काल
14:32 – 16:14

23 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:57 – 07:40शुभ
काल07:40 – 09:23टालें
शुभ09:23 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:49टालें
उद्वेग12:49 – 14:32टालें
चर14:32 – 16:14सामान्य
लाभ16:14 – 17:57शुभ
अमृत17:57 – 19:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:40 – 20:57सामान्य
रोग20:57 – 22:14टालें
काल22:14 – 23:31टालें
लाभ23:31 – 00:48शुभ
उद्वेग00:48 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:22शुभ
अमृत03:22 – 04:39शुभ
चर04:39 – 05:56सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5707:06दिन
शनि07:0608:14दिन
गुरु08:1409:23दिन
मंगल09:2310:31दिन
सूर्य10:3111:40दिन
शुक्र11:4012:49दिन
बुध12:4913:57दिन
चंद्र13:5715:06दिन
शनि15:0616:14दिन
गुरु16:1417:23दिन
मंगल17:2318:32दिन
सूर्य18:3219:40दिन
शुक्र19:4020:32रात
बुध20:3221:23रात
चंद्र21:2322:14रात
शनि22:1423:05रात
गुरु23:0523:57रात
मंगल23:5700:48रात
सूर्य00:4801:39रात
शुक्र01:3902:30रात
बुध02:3003:22रात
चंद्र03:2204:13रात
शनि04:1305:04रात
गुरु05:0405:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 अप्रैल 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 अप्रैल 2029चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2665° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।