29 अप्रैल 2029 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 29 अप्रैल 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 29 अप्रैल 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (22:42 तक), नक्षत्र विशाखा (12:10 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 19:47 पर है। राहुकाल 18:02 से 19:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 19:47
रात 05:47 तक
तिथि
द्वितीया, 22:42 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 12:10 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 22:42 तक
कृष्ण तृतीया 19:57, 30 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 12:10 तक
अनुराधा 09:56, 30 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 09:03 तक
वरीयान 05:23, 30 अप्रैल तक
परिघअशुभ 02:12, 1 मई तक
करण
तैतिल 12:17 तक
गर 22:42 तक
वणिज 09:15, 30 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 06:48 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
19:47
चंद्रोदय
21:54
चंद्रास्त
06:15
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
18:02 – 19:47
यमगंड
12:48 – 14:32
गुलिक काल
16:17 – 18:02

29 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:48 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:18सामान्य
लाभ09:18 – 11:03शुभ
अमृत11:03 – 12:48शुभ
काल12:48 – 14:32टालें
शुभ14:32 – 16:17शुभ
रोग16:17 – 18:02टालें
उद्वेग18:02 – 19:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:47 – 21:02शुभ
अमृत21:02 – 22:17शुभ
चर22:17 – 23:32सामान्य
रोग23:32 – 00:47टालें
काल00:47 – 02:02टालें
लाभ02:02 – 03:17शुभ
उद्वेग03:17 – 04:32टालें
शुभ04:32 – 05:47शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4806:58दिन
शुक्र06:5808:08दिन
बुध08:0809:18दिन
चंद्र09:1810:28दिन
शनि10:2811:38दिन
गुरु11:3812:48दिन
मंगल12:4813:58दिन
सूर्य13:5815:07दिन
शुक्र15:0716:17दिन
बुध16:1717:27दिन
चंद्र17:2718:37दिन
शनि18:3719:47दिन
गुरु19:4720:37रात
मंगल20:3721:27रात
सूर्य21:2722:17रात
शुक्र22:1723:07रात
बुध23:0723:57रात
चंद्र23:5700:47रात
शनि00:4701:37रात
गुरु01:3702:27रात
मंगल02:2703:17रात
सूर्य03:1704:07रात
शुक्र04:0704:57रात
बुध04:5705:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 मई 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
23 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2667° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।