31 अक्टूबर 2029 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 31 अक्टूबर 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 31 अक्टूबर 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:33 तक), नक्षत्र आश्लेषा (13:07 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 12:33 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 17:45
रात 07:23 तक
तिथि
नवमी, 17:33 तक
दशमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 13:07 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:33 तक
कृष्ण दशमी 15:52, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 12:17, 1 नव॰ तक
योग
शुक्ल 22:24 तक
ब्रह्म 19:45, 1 नव॰ तक
करण
गर 17:33 तक
वणिज 04:48, 1 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:52, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 13:07 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
00:42
चंद्रास्त
14:24
दिनमान
10h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:33 – 13:51
यमगंड
08:40 – 09:58
गुलिक काल
11:15 – 12:33

31 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:22 – 08:40शुभ
अमृत08:40 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:15टालें
शुभ11:15 – 12:33शुभ
रोग12:33 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:09टालें
चर15:09 – 16:27सामान्य
लाभ16:27 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:45 – 19:27टालें
शुभ19:27 – 21:09शुभ
अमृत21:09 – 22:52शुभ
चर22:52 – 00:34सामान्य
रोग00:34 – 02:16टालें
काल02:16 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:41शुभ
उद्वेग05:41 – 07:23टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2208:14दिन
चंद्र08:1409:06दिन
शनि09:0609:58दिन
गुरु09:5810:49दिन
मंगल10:4911:41दिन
सूर्य11:4112:33दिन
शुक्र12:3313:25दिन
बुध13:2514:17दिन
चंद्र14:1715:09दिन
शनि15:0916:01दिन
गुरु16:0116:53दिन
मंगल16:5317:45दिन
सूर्य17:4518:53रात
शुक्र18:5320:01रात
बुध20:0121:09रात
चंद्र21:0922:18रात
शनि22:1823:26रात
गुरु23:2600:34रात
मंगल00:3401:42रात
सूर्य01:4202:50रात
शुक्र02:5003:58रात
बुध03:5805:07रात
चंद्र05:0706:15रात
शनि06:1507:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2738° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।