6 नवंबर 2029 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 6 नवंबर 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 6 नवंबर 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:38 तक), नक्षत्र विशाखा (19:46 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 14:06 से 15:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 16:38
रात 06:30 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:38 तक
द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा, 19:46 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:38 तक
शुक्ल द्वितीया 15:07, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 19:46 तक
अनुराधा 17:03, 7 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 18:48 तक
शोभन 14:43, 7 नव॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 08:29 तक
बव 18:38 तक
बालव 04:50, 7 नव॰ तक
कौलव 15:07, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
तुला 14:30 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
07:11
चंद्रास्त
16:50
दिनमान
10h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
14:06 – 15:22
यमगंड
09:01 – 10:17
गुलिक काल
11:33 – 12:50

6 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:29 – 07:45टालें
उद्वेग07:45 – 09:01टालें
चर09:01 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:33शुभ
अमृत11:33 – 12:50शुभ
काल12:50 – 14:06टालें
शुभ14:06 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:38 – 18:22टालें
लाभ18:22 – 20:06शुभ
उद्वेग20:06 – 21:50टालें
शुभ21:50 – 23:34शुभ
अमृत23:34 – 01:18शुभ
चर01:18 – 03:02सामान्य
रोग03:02 – 04:46टालें
काल04:46 – 06:30टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2907:20दिन
सूर्य07:2008:10दिन
शुक्र08:1009:01दिन
बुध09:0109:52दिन
चंद्र09:5210:43दिन
शनि10:4311:33दिन
गुरु11:3312:24दिन
मंगल12:2413:15दिन
सूर्य13:1514:06दिन
शुक्र14:0614:56दिन
बुध14:5615:47दिन
चंद्र15:4716:38दिन
शनि16:3817:47रात
गुरु17:4718:57रात
मंगल18:5720:06रात
सूर्य20:0621:15रात
शुक्र21:1522:25रात
बुध22:2523:34रात
चंद्र23:3400:43रात
शनि00:4301:53रात
गुरु01:5303:02रात
मंगल03:0204:12रात
सूर्य04:1205:21रात
शुक्र05:2106:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।