7 नवंबर 2026 को डैलस का पंचांग

शनिवार, 7 नवंबर 2026, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 7 नवंबर 2026 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:58 तक), नक्षत्र चित्रा (18:22 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 09:30 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:31
रात 06:51 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:58 तक
अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा, 18:22 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:58 तक
अमावस्या 01:02, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 18:22 तक
स्वाति 19:54, 8 नव॰ तक
योग
प्रीति 15:57 तक
आयुष्मान 15:33, 8 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:35 तक
शकुनि 23:58 तक
चतुष्पद 12:27, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
05:18
चंद्रास्त
16:21
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
09:30 – 10:50
यमगंड
13:30 – 14:50
गुलिक काल
06:50 – 08:10

7 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:50 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:30शुभ
रोग09:30 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:10टालें
चर12:10 – 13:30सामान्य
लाभ13:30 – 14:50शुभ
अमृत14:50 – 16:11शुभ
काल16:11 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:31 – 19:11शुभ
उद्वेग19:11 – 20:51टालें
शुभ20:51 – 22:31शुभ
अमृत22:31 – 00:11शुभ
चर00:11 – 01:51सामान्य
रोग01:51 – 03:31टालें
काल03:31 – 05:11टालें
लाभ05:11 – 06:51शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5007:43दिन
गुरु07:4308:37दिन
मंगल08:3709:30दिन
सूर्य09:3010:23दिन
शुक्र10:2311:17दिन
बुध11:1712:10दिन
चंद्र12:1013:04दिन
शनि13:0413:57दिन
गुरु13:5714:50दिन
मंगल14:5015:44दिन
सूर्य15:4416:37दिन
शुक्र16:3717:31दिन
बुध17:3118:37रात
चंद्र18:3719:44रात
शनि19:4420:51रात
गुरु20:5121:57रात
मंगल21:5723:04रात
सूर्य23:0400:11रात
शुक्र00:1101:17रात
बुध01:1702:24रात
चंद्र02:2403:31रात
शनि03:3104:37रात
गुरु04:3705:44रात
मंगल05:4406:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।