23 दिसंबर 2027 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 23 दिसंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (20:42 तक), नक्षत्र स्वाति (21:47 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 16:49 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 16:49
रात 06:16 तक
तिथि
एकादशी, 20:42 तक
द्वादशी
नक्षत्र
स्वाति, 21:47 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 20:42 तक
कृष्ण द्वादशी 20:38, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 21:47 तक
विशाखा 22:20, 24 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:13 तक
सुकर्मा 07:47, 24 दिस॰ तक
करण
बव 08:53 तक
बालव 20:42 तक
कौलव 08:37, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
16:49
चंद्रोदय
02:00
चंद्रास्त
13:09
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:11
यमगंड
06:15 – 07:35
गुलिक काल
08:54 – 10:13

23 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:15 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 08:54टालें
उद्वेग08:54 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 12:51शुभ
अमृत12:51 – 14:11शुभ
काल14:11 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 16:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:49 – 18:30शुभ
चर18:30 – 20:11सामान्य
रोग20:11 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:32टालें
लाभ23:32 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:35शुभ
अमृत04:35 – 06:16शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1507:08दिन
मंगल07:0808:01दिन
सूर्य08:0108:54दिन
शुक्र08:5409:47दिन
बुध09:4710:39दिन
चंद्र10:3911:32दिन
शनि11:3212:25दिन
गुरु12:2513:18दिन
मंगल13:1814:11दिन
सूर्य14:1115:04दिन
शुक्र15:0415:56दिन
बुध15:5616:49दिन
चंद्र16:4917:56रात
शनि17:5619:04रात
गुरु19:0420:11रात
मंगल20:1121:18रात
सूर्य21:1822:25रात
शुक्र22:2523:32रात
बुध23:3200:40रात
चंद्र00:4001:47रात
शनि01:4702:54रात
गुरु02:5404:01रात
मंगल04:0105:09रात
सूर्य05:0906:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 दिस॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 दिस॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2478° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।