24 दिसंबर 2027 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:38 तक), नक्षत्र विशाखा (22:20 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 16:50 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 16:50
रात 06:16 तक
तिथि
द्वादशी, 20:38 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
विशाखा, 22:20 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:38 तक
कृष्ण त्रयोदशी 21:02, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 22:20 तक
अनुराधा 23:19, 25 दिस॰ तक
योग
सुकर्मा 07:47 तक
धृति 06:42, 25 दिस॰ तक
करण
कौलव 08:37 तक
तैतिल 20:38 तक
गर 08:47, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 16:09 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
16:50
चंद्रोदय
03:01
चंद्रास्त
13:52
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:33
यमगंड
14:11 – 15:30
गुलिक काल
07:35 – 08:54

24 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:16 – 07:35सामान्य
लाभ07:35 – 08:54शुभ
अमृत08:54 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:30टालें
चर15:30 – 16:50सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:50 – 18:31टालें
काल18:31 – 20:11टालें
लाभ20:11 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:33टालें
शुभ23:33 – 01:14शुभ
अमृत01:14 – 02:55शुभ
चर02:55 – 04:35सामान्य
रोग04:35 – 06:16टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1607:09दिन
बुध07:0908:01दिन
चंद्र08:0108:54दिन
शनि08:5409:47दिन
गुरु09:4710:40दिन
मंगल10:4011:33दिन
सूर्य11:3312:26दिन
शुक्र12:2613:18दिन
बुध13:1814:11दिन
चंद्र14:1115:04दिन
शनि15:0415:57दिन
गुरु15:5716:50दिन
मंगल16:5017:57रात
सूर्य17:5719:04रात
शुक्र19:0420:11रात
बुध20:1121:19रात
चंद्र21:1922:26रात
शनि22:2623:33रात
गुरु23:3300:40रात
मंगल00:4001:47रात
सूर्य01:4702:55रात
शुक्र02:5504:02रात
बुध04:0205:09रात
चंद्र05:0906:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 दिस॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2479° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।