4 नवंबर 2029 को जॉर्जटाउन का पंचांग

रविवार, 4 नवंबर 2029, जॉर्जटाउन, Guyana। समय America/Guyana में है।

रविवार, 4 नवंबर 2029 को जॉर्जटाउन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (08:00 तक), नक्षत्र हस्त (06:49 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 16:03 से 17:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 17:32
रात 05:40 तक
तिथि
चतुर्दशी, 04:15 तक
नक्षत्र
चित्रा, 03:51 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 08:00 तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:15, 5 नव॰ तक
अमावस्या 00:24, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:49 तक
चित्रा 03:51, 5 नव॰ तक
स्वाति 00:46, 6 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:45 तक
प्रीति 05:27, 5 नव॰ तक
आयुष्मान 01:05, 6 नव॰ तक
करण
वणिज 08:00 तक
विष्टि (भद्रा) 18:09 तक
शकुनि 04:15, 5 नव॰ तक
चतुष्पद 14:19, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 17:21 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
03:53
चंद्रास्त
16:08
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
16:03 – 17:32
यमगंड
11:36 – 13:05
गुलिक काल
14:34 – 16:03

4 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:38सामान्य
लाभ08:38 – 10:07शुभ
अमृत10:07 – 11:36शुभ
काल11:36 – 13:05टालें
शुभ13:05 – 14:34शुभ
रोग14:34 – 16:03टालें
उद्वेग16:03 – 17:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:32 – 19:03शुभ
अमृत19:03 – 20:34शुभ
चर20:34 – 22:05सामान्य
रोग22:05 – 23:36टालें
काल23:36 – 01:07टालें
लाभ01:07 – 02:38शुभ
उद्वेग02:38 – 04:09टालें
शुभ04:09 – 05:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:39दिन
शुक्र06:3907:38दिन
बुध07:3808:38दिन
चंद्र08:3809:37दिन
शनि09:3710:36दिन
गुरु10:3611:36दिन
मंगल11:3612:35दिन
सूर्य12:3513:34दिन
शुक्र13:3414:34दिन
बुध14:3415:33दिन
चंद्र15:3316:32दिन
शनि16:3217:32दिन
गुरु17:3218:32रात
मंगल18:3219:33रात
सूर्य19:3320:34रात
शुक्र20:3421:34रात
बुध21:3422:35रात
चंद्र22:3523:36रात
शनि23:3600:36रात
गुरु00:3601:37रात
मंगल01:3702:38रात
सूर्य02:3803:39रात
शुक्र03:3904:39रात
बुध04:3905:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां जॉर्जटाउन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2739° (लाहिड़ी)। समय जॉर्जटाउन (America/Guyana) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।