1 मार्च 2026 को ह्यूस्टन का पंचांग

रविवार, 1 मार्च 2026, ह्यूस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 1 मार्च 2026 को ह्यूस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (07:39 तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:21 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 16:54 से 18:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:20
रात 06:45 तक
तिथि
चतुर्दशी, 06:26 तक
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:21 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 07:39 तक
शुक्ल चतुर्दशी 06:26, 2 मार्च तक
पूर्णिमा 05:37, 3 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 20:01, 2 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:49, 2 मार्च तक
सुकर्मा 22:54, 2 मार्च तक
करण
तैतिल 07:39 तक
गर 19:00 तक
वणिज 06:26, 2 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 17:58, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 20:21 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
16:46
चंद्रास्त
05:42
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
16:54 – 18:20
यमगंड
12:33 – 14:00
गुलिक काल
15:27 – 16:54

1 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:40सामान्य
लाभ09:40 – 11:07शुभ
अमृत11:07 – 12:33शुभ
काल12:33 – 14:00टालें
शुभ14:00 – 15:27शुभ
रोग15:27 – 16:54टालें
उद्वेग16:54 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:20 – 19:53शुभ
अमृत19:53 – 21:27शुभ
चर21:27 – 23:00सामान्य
रोग23:00 – 00:33टालें
काल00:33 – 02:06टालें
लाभ02:06 – 03:39शुभ
उद्वेग03:39 – 05:12टालें
शुभ05:12 – 06:45शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:44दिन
शुक्र07:4408:42दिन
बुध08:4209:40दिन
चंद्र09:4010:38दिन
शनि10:3811:36दिन
गुरु11:3612:33दिन
मंगल12:3313:31दिन
सूर्य13:3114:29दिन
शुक्र14:2915:27दिन
बुध15:2716:25दिन
चंद्र16:2517:22दिन
शनि17:2218:20दिन
गुरु18:2019:22रात
मंगल19:2220:24रात
सूर्य20:2421:27रात
शुक्र21:2722:29रात
बुध22:2923:31रात
चंद्र23:3100:33रात
शनि00:3301:35रात
गुरु01:3502:37रात
मंगल02:3703:39रात
सूर्य03:3904:41रात
शुक्र04:4105:43रात
बुध05:4306:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
6 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां ह्यूस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय ह्यूस्टन (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।