24 जनवरी 2025 को जूनागढ़ का पंचांग

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025, जूनागढ़, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 को जूनागढ़ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (19:25 तक), नक्षत्र अनुराधा (07:07, 25 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:00 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:32
रात 07:27 तक
तिथि
दशमी, 19:25 तक
एकादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 07:07 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 19:25 तक
कृष्ण एकादशी 20:32, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:07, 25 जन॰ तक
ज्येष्ठा 08:26, 26 जन॰ तक
योग
वृद्धि 05:08, 25 जन॰ तक
ध्रुव 04:37, 26 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 19:25 तक
बव 08:04, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
02:46
चंद्रास्त
13:44
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:22

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:00
यमगंड
15:46 – 17:09
गुलिक काल
08:50 – 10:14

24 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:27 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:14शुभ
अमृत10:14 – 11:37शुभ
काल11:37 – 13:00टालें
शुभ13:00 – 14:23शुभ
रोग14:23 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:09टालें
चर17:09 – 18:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:32 – 20:09टालें
काल20:09 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:23शुभ
उद्वेग23:23 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:37शुभ
अमृत02:37 – 04:13शुभ
चर04:13 – 05:50सामान्य
रोग05:50 – 07:27टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2708:23दिन
बुध08:2309:18दिन
चंद्र09:1810:14दिन
शनि10:1411:09दिन
गुरु11:0912:04दिन
मंगल12:0413:00दिन
सूर्य13:0013:55दिन
शुक्र13:5514:51दिन
बुध14:5115:46दिन
चंद्र15:4616:41दिन
शनि16:4117:37दिन
गुरु17:3718:32दिन
मंगल18:3219:37रात
सूर्य19:3720:41रात
शुक्र20:4121:46रात
बुध21:4622:51रात
चंद्र22:5123:55रात
शनि23:5501:00रात
गुरु01:0002:04रात
मंगल02:0403:09रात
सूर्य03:0904:13रात
शुक्र04:1305:18रात
बुध05:1806:23रात
चंद्र06:2307:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
2 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 फ़र॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां जूनागढ़ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2072° (लाहिड़ी)। समय जूनागढ़ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।