25 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (06:50 तक), नक्षत्र अनुराधा (13:21 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 19:47 पर है। राहुकाल 09:43 से 11:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 19:47
रात 06:20 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 13:21 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 06:50 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:18, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 16:16, 26 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 11:24 तक
शोभन 12:15, 26 अक्टू॰ तक
करण
गर 06:50 तक
वणिज 20:05 तक
विष्टि (भद्रा) 09:18, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
19:47
चंद्रोदय
07:57
चंद्रास्त
23:36
दिनमान
13h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
09:43 – 11:23
यमगंड
14:45 – 16:25
गुलिक काल
06:21 – 08:02

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:21 – 08:02टालें
शुभ08:02 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 11:23टालें
उद्वेग11:23 – 13:04टालें
चर13:04 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:25शुभ
अमृत16:25 – 18:06शुभ
काल18:06 – 19:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:47 – 21:06शुभ
उद्वेग21:06 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 23:44शुभ
अमृत23:44 – 01:03शुभ
चर01:03 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 03:42टालें
काल03:42 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2107:28दिन
गुरु07:2808:36दिन
मंगल08:3609:43दिन
सूर्य09:4310:50दिन
शुक्र10:5011:57दिन
बुध11:5713:04दिन
चंद्र13:0414:11दिन
शनि14:1115:18दिन
गुरु15:1816:25दिन
मंगल16:2517:33दिन
सूर्य17:3318:40दिन
शुक्र18:4019:47दिन
बुध19:4720:40रात
चंद्र20:4021:32रात
शनि21:3222:25रात
गुरु22:2523:18रात
मंगल23:1800:11रात
सूर्य00:1101:03रात
शुक्र01:0301:56रात
बुध01:5602:49रात
चंद्र02:4903:42रात
शनि03:4204:35रात
गुरु04:3505:27रात
मंगल05:2706:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
2 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
9 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।