5 मार्च 2029 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 5 मार्च 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 5 मार्च 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (11:10 तक), नक्षत्र स्वाति (10:27 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 19:54 पर है। राहुकाल 08:44 से 10:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 19:54
रात 07:09 तक
तिथि
पंचमी, 11:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 10:27 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 11:10 तक
कृष्ण षष्ठी 08:56, 6 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 10:27 तक
विशाखा 08:55, 6 मार्च तक
योग
ध्रुव 09:49 तक
व्याघातअशुभ 06:47, 6 मार्च तक
हर्षण 04:17, 7 मार्च तक
करण
तैतिल 11:10 तक
गर 21:58 तक
वणिज 08:56, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 03:15, 6 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
19:54
चंद्रोदय
22:25
चंद्रास्त
12:20
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:38 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 13:56

अशुभ समय

राहुकाल
08:44 – 10:19
यमगंड
11:55 – 13:31
गुलिक काल
15:07 – 16:42

5 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:08 – 08:44शुभ
काल08:44 – 10:19टालें
शुभ10:19 – 11:55शुभ
रोग11:55 – 13:31टालें
उद्वेग13:31 – 15:07टालें
चर15:07 – 16:42सामान्य
लाभ16:42 – 18:18शुभ
अमृत18:18 – 19:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:54 – 21:18सामान्य
रोग21:18 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:07टालें
लाभ00:07 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:20शुभ
अमृत04:20 – 05:45शुभ
चर05:45 – 07:09सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0808:12दिन
शनि08:1209:16दिन
गुरु09:1610:19दिन
मंगल10:1911:23दिन
सूर्य11:2312:27दिन
शुक्र12:2713:31दिन
बुध13:3114:35दिन
चंद्र14:3515:38दिन
शनि15:3816:42दिन
गुरु16:4217:46दिन
मंगल17:4618:50दिन
सूर्य18:5019:54दिन
शुक्र19:5420:50रात
बुध20:5021:46रात
चंद्र21:4622:42रात
शनि22:4223:39रात
गुरु23:3900:35रात
मंगल00:3501:31रात
सूर्य01:3102:28रात
शुक्र02:2803:24रात
बुध03:2404:20रात
चंद्र04:2005:16रात
शनि05:1606:13रात
गुरु06:1307:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।