6 मार्च 2029 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 6 मार्च 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 6 मार्च 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (08:56 तक), नक्षत्र विशाखा (08:55 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 19:52 पर है। राहुकाल 16:41 से 18:17 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 19:52
रात 07:10 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 08:56 तक
कृष्ण सप्तमी 07:22, 7 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 08:55 तक
अनुराधा 08:03, 7 मार्च तक
योग
हर्षण 04:17, 7 मार्च तक
वज्रअशुभ 02:20, 8 मार्च तक
करण
वणिज 08:56 तक
विष्टि (भद्रा) 20:04 तक
बव 07:22, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
19:52
चंद्रोदय
23:14
चंद्रास्त
13:31
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 – 06:24
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 13:56

अशुभ समय

राहुकाल
16:41 – 18:17
यमगंड
10:20 – 11:55
गुलिक काल
13:31 – 15:06

6 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:09 – 08:44टालें
उद्वेग08:44 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:55सामान्य
लाभ11:55 – 13:31शुभ
अमृत13:31 – 15:06शुभ
काल15:06 – 16:41टालें
शुभ16:41 – 18:17शुभ
रोग18:17 – 19:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:52 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:31शुभ
अमृत01:31 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:20सामान्य
रोग04:20 – 05:45टालें
काल05:45 – 07:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0908:13दिन
सूर्य08:1309:16दिन
शुक्र09:1610:20दिन
बुध10:2011:23दिन
चंद्र11:2312:27दिन
शनि12:2713:31दिन
गुरु13:3114:34दिन
मंगल14:3415:38दिन
सूर्य15:3816:41दिन
शुक्र16:4117:45दिन
बुध17:4518:49दिन
चंद्र18:4919:52दिन
शनि19:5220:49रात
गुरु20:4921:45रात
मंगल21:4522:42रात
सूर्य22:4223:38रात
शुक्र23:3800:35रात
बुध00:3501:31रात
चंद्र01:3102:28रात
शनि02:2803:24रात
गुरु03:2404:20रात
मंगल04:2005:17रात
सूर्य05:1706:13रात
शुक्र06:1307:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।