29 अगस्त 2019 को नई दिल्ली का पंचांग

गुरुवार, 29 अगस्त 2019, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (19:55 तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:10 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 13:58 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:46
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:55 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:10 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2019 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 19:55 तक
अमावस्या 16:07, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 17:11, 30 अग॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:23 तक
शिव 18:07, 30 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:44 तक
शकुनि 19:55 तक
चतुष्पद 06:02, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 20:10 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
04:21
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2076
शक संवत
1941, विकारी संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
13:58 – 15:34
यमगंड
05:57 – 07:33
गुलिक काल
09:09 – 10:45

29 अगस्त 2019 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:33शुभ
रोग07:33 – 09:09टालें
उद्वेग09:09 – 10:45टालें
चर10:45 – 12:22सामान्य
लाभ12:22 – 13:58शुभ
अमृत13:58 – 15:34शुभ
काल15:34 – 17:10टालें
शुभ17:10 – 18:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:46 – 20:10शुभ
चर20:10 – 21:34सामान्य
रोग21:34 – 22:58टालें
काल22:58 – 00:22टालें
लाभ00:22 – 01:46शुभ
उद्वेग01:46 – 03:10टालें
शुभ03:10 – 04:34शुभ
अमृत04:34 – 05:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5707:01दिन
मंगल07:0108:05दिन
सूर्य08:0509:09दिन
शुक्र09:0910:13दिन
बुध10:1311:17दिन
चंद्र11:1712:22दिन
शनि12:2213:26दिन
गुरु13:2614:30दिन
मंगल14:3015:34दिन
सूर्य15:3416:38दिन
शुक्र16:3817:42दिन
बुध17:4218:46दिन
चंद्र18:4619:42रात
शनि19:4220:38रात
गुरु20:3821:34रात
मंगल21:3422:30रात
सूर्य22:3023:26रात
शुक्र23:2600:22रात
बुध00:2201:18रात
चंद्र01:1802:14रात
शनि02:1403:10रात
गुरु03:1004:06रात
मंगल04:0605:02रात
सूर्य05:0205:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 अग॰ 2019भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
2 सित॰ 2019विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 सित॰ 2019शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 सित॰ 2019प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 सित॰ 2019भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
17 सित॰ 2019कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2019संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 सित॰ 2019कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 सित॰ 2019कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2019प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1316° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।