13 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

सोमवार, 13 जनवरी 2025, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 13 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (17:26 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (23:47 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 08:31 से 09:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 16:53
रात 07:19 तक
तिथि
पूर्णिमा, 17:26 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुनर्वसु, 23:47 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 17:26 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:51, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:58, 14 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 18:08 तक
विष्कंभअशुभ 16:28, 14 जन॰ तक
करण
बव 17:26 तक
बालव 05:05, 14 जन॰ तक
कौलव 16:51, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 17:49 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
16:30
चंद्रास्त
07:29
दिनमान
9h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
08:31 – 09:43
यमगंड
10:54 – 12:06
गुलिक काल
13:18 – 14:30

13 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:19 – 08:31शुभ
काल08:31 – 09:43टालें
शुभ09:43 – 10:54शुभ
रोग10:54 – 12:06टालें
उद्वेग12:06 – 13:18टालें
चर13:18 – 14:30सामान्य
लाभ14:30 – 15:41शुभ
अमृत15:41 – 16:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:53 – 18:41सामान्य
रोग18:41 – 20:30टालें
काल20:30 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 00:06शुभ
उद्वेग00:06 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:42शुभ
अमृत03:42 – 05:31शुभ
चर05:31 – 07:19सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1908:07दिन
शनि08:0708:55दिन
गुरु08:5509:43दिन
मंगल09:4310:30दिन
सूर्य10:3011:18दिन
शुक्र11:1812:06दिन
बुध12:0612:54दिन
चंद्र12:5413:42दिन
शनि13:4214:30दिन
गुरु14:3015:17दिन
मंगल15:1716:05दिन
सूर्य16:0516:53दिन
शुक्र16:5318:05रात
बुध18:0519:17रात
चंद्र19:1720:30रात
शनि20:3021:42रात
गुरु21:4222:54रात
मंगल22:5400:06रात
सूर्य00:0601:18रात
शुक्र01:1802:30रात
बुध02:3003:42रात
चंद्र03:4204:54रात
शनि04:5406:07रात
गुरु06:0707:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2068° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।