14 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

मंगलवार, 14 जनवरी 2025, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

मंगलवार, 14 जनवरी 2025 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (16:51 तक), नक्षत्र पुष्य (23:58 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 14:30 से 15:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 16:54
रात 07:18 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:51 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पुष्य, 23:58 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 16:51 तक
कृष्ण द्वितीया 16:53, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:58 तक
आश्लेषा 00:46, 16 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 16:28 तक
प्रीति 15:16, 15 जन॰ तक
करण
कौलव 16:51 तक
तैतिल 04:47, 15 जन॰ तक
गर 16:53, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
17:41
चंद्रास्त
08:10
दिनमान
9h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:30 – 15:42
यमगंड
09:43 – 10:55
गुलिक काल
12:07 – 13:18

14 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:19 – 08:31टालें
उद्वेग08:31 – 09:43टालें
चर09:43 – 10:55सामान्य
लाभ10:55 – 12:07शुभ
अमृत12:07 – 13:18शुभ
काल13:18 – 14:30टालें
शुभ14:30 – 15:42शुभ
रोग15:42 – 16:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:54 – 18:42टालें
लाभ18:42 – 20:30शुभ
उद्वेग20:30 – 22:18टालें
शुभ22:18 – 00:06शुभ
अमृत00:06 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:30टालें
काल05:30 – 07:18टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1908:07दिन
सूर्य08:0708:55दिन
शुक्र08:5509:43दिन
बुध09:4310:31दिन
चंद्र10:3111:19दिन
शनि11:1912:07दिन
गुरु12:0712:54दिन
मंगल12:5413:42दिन
सूर्य13:4214:30दिन
शुक्र14:3015:18दिन
बुध15:1816:06दिन
चंद्र16:0616:54दिन
शनि16:5418:06रात
गुरु18:0619:18रात
मंगल19:1820:30रात
सूर्य20:3021:42रात
शुक्र21:4222:54रात
बुध22:5400:06रात
चंद्र00:0601:18रात
शनि01:1802:30रात
गुरु02:3003:42रात
मंगल03:4204:54रात
सूर्य04:5406:06रात
शुक्र06:0607:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2068° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।