12 अक्टूबर 2026 को एडिसन, न्यू जर्सी का पंचांग

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, एडिसन, न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को एडिसन, न्यू जर्सी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (12:43 तक), नक्षत्र स्वाति (14:22 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 18:22
रात 07:06 तक
तिथि
द्वितीया, 12:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 14:22 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 12:43 तक
शुक्ल तृतीया 13:58, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 14:22 तक
विशाखा 16:13, 13 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 11:02 तक
प्रीति 10:53, 13 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 12:43 तक
तैतिल 01:16, 13 अक्टू॰ तक
गर 13:58, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
09:16
चंद्रास्त
19:02
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:54
यमगंड
11:19 – 12:43
गुलिक काल
14:08 – 15:32

12 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:54टालें
शुभ09:54 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:32सामान्य
लाभ15:32 – 16:57शुभ
अमृत16:57 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:22 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:33टालें
काल21:33 – 23:08टालें
लाभ23:08 – 00:44शुभ
उद्वेग00:44 – 02:19टालें
शुभ02:19 – 03:55शुभ
अमृत03:55 – 05:31शुभ
चर05:31 – 07:06सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0508:01दिन
शनि08:0108:58दिन
गुरु08:5809:54दिन
मंगल09:5410:51दिन
सूर्य10:5111:47दिन
शुक्र11:4712:43दिन
बुध12:4313:40दिन
चंद्र13:4014:36दिन
शनि14:3615:32दिन
गुरु15:3216:29दिन
मंगल16:2917:25दिन
सूर्य17:2518:22दिन
शुक्र18:2219:25रात
बुध19:2520:29रात
चंद्र20:2921:33रात
शनि21:3322:36रात
गुरु22:3623:40रात
मंगल23:4000:44रात
सूर्य00:4401:48रात
शुक्र01:4802:51रात
बुध02:5103:55रात
चंद्र03:5504:59रात
शनि04:5906:02रात
गुरु06:0207:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां एडिसन, न्यू जर्सी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय एडिसन, न्यू जर्सी (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।