30 अप्रैल 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (11:43 तक), नक्षत्र चित्रा (16:46 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 19:51 पर है। राहुकाल 14:37 से 16:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 19:51
रात 05:54 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:43 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
चित्रा, 16:46 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 11:43 तक
पूर्णिमा 13:23, 1 मई तक
नक्षत्र
चित्रा 16:46 तक
स्वाति 19:05, 1 मई तक
योग
वज्रअशुभ 11:25 तक
सिद्धि 11:43, 1 मई तक
करण
वणिज 11:43 तक
विष्टि (भद्रा) 00:30, 1 मई तक
बव 13:23, 1 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
19:51
चंद्रोदय
19:12
चंद्रास्त
05:02
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
14:37 – 16:22
यमगंड
05:55 – 07:40
गुलिक काल
09:24 – 11:09

30 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:55 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:24टालें
उद्वेग09:24 – 11:09टालें
चर11:09 – 12:53सामान्य
लाभ12:53 – 14:37शुभ
अमृत14:37 – 16:22शुभ
काल16:22 – 18:06टालें
शुभ18:06 – 19:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:51 – 21:06शुभ
चर21:06 – 22:22सामान्य
रोग22:22 – 23:37टालें
काल23:37 – 00:52टालें
लाभ00:52 – 02:08शुभ
उद्वेग02:08 – 03:23टालें
शुभ03:23 – 04:39शुभ
अमृत04:39 – 05:54शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5507:05दिन
मंगल07:0508:15दिन
सूर्य08:1509:24दिन
शुक्र09:2410:34दिन
बुध10:3411:43दिन
चंद्र11:4312:53दिन
शनि12:5314:03दिन
गुरु14:0315:12दिन
मंगल15:1216:22दिन
सूर्य16:2217:31दिन
शुक्र17:3118:41दिन
बुध18:4119:51दिन
चंद्र19:5120:41रात
शनि20:4121:31रात
गुरु21:3122:22रात
मंगल22:2223:12रात
सूर्य23:1200:02रात
शुक्र00:0200:52रात
बुध00:5201:43रात
चंद्र01:4302:33रात
शनि02:3303:23रात
गुरु03:2304:14रात
मंगल04:1405:04रात
सूर्य05:0405:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 मई 2026वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
5 मई 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 मई 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 मई 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मई 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मई 2026वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2026ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
19 मई 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मई 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मई 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2248° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।