17 जून 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

बुधवार, 17 जून 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 17 जून 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (12:09 तक), नक्षत्र पुष्य (02:02, 18 जून तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 20:29 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 20:29
रात 05:24 तक
तिथि
तृतीया, 12:09 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 02:02 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जून 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 12:09 तक
शुक्ल चतुर्थी 09:29, 18 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 02:02, 18 जून तक
आश्लेषा 00:37, 19 जून तक
योग
ध्रुव 11:21 तक
व्याघातअशुभ 08:05, 18 जून तक
करण
गर 12:09 तक
वणिज 22:44 तक
विष्टि (भद्रा) 09:29, 18 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
20:29
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
23:10
दिनमान
15h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:50
यमगंड
07:17 – 09:10
गुलिक काल
11:03 – 12:57

17 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:24 – 07:17शुभ
अमृत07:17 – 09:10शुभ
काल09:10 – 11:03टालें
शुभ11:03 – 12:57शुभ
रोग12:57 – 14:50टालें
उद्वेग14:50 – 16:43टालें
चर16:43 – 18:36सामान्य
लाभ18:36 – 20:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:29 – 21:36टालें
शुभ21:36 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 23:50शुभ
चर23:50 – 00:57सामान्य
रोग00:57 – 02:03टालें
काल02:03 – 03:10टालें
लाभ03:10 – 04:17शुभ
उद्वेग04:17 – 05:24टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2406:39दिन
चंद्र06:3907:55दिन
शनि07:5509:10दिन
गुरु09:1010:26दिन
मंगल10:2611:41दिन
सूर्य11:4112:57दिन
शुक्र12:5714:12दिन
बुध14:1215:27दिन
चंद्र15:2716:43दिन
शनि16:4317:58दिन
गुरु17:5819:14दिन
मंगल19:1420:29दिन
सूर्य20:2921:14रात
शुक्र21:1421:58रात
बुध21:5822:43रात
चंद्र22:4323:27रात
शनि23:2700:12रात
गुरु00:1200:57रात
मंगल00:5701:41रात
सूर्य01:4102:26रात
शुक्र02:2603:10रात
बुध03:1003:55रात
चंद्र03:5504:39रात
शनि04:3905:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जून 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जून 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जून 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जून 2026ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
3 जुल॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जुल॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जुल॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जुल॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जुल॰ 2026आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
16 जुल॰ 2026कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2267° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।