10 अप्रैल 2028 को रियाद का पंचांग

सोमवार, 10 अप्रैल 2028, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

सोमवार, 10 अप्रैल 2028 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (10:28 तक), नक्षत्र चित्रा (07:07 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 07:10 से 08:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 18:13
रात 05:34 तक
तिथि
प्रतिपदा, 10:28 तक
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 05:19 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 10:28 तक
कृष्ण द्वितीया 07:59, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
चित्रा 07:07 तक
स्वाति 05:19, 11 अप्रैल तक
विशाखा 04:06, 12 अप्रैल तक
योग
हर्षण 12:26 तक
वज्रअशुभ 09:18, 11 अप्रैल तक
करण
कौलव 10:28 तक
तैतिल 21:09 तक
गर 07:59, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
19:29
चंद्रास्त
05:51
दिनमान
12h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
07:10 – 08:45
यमगंड
10:19 – 11:54
गुलिक काल
13:29 – 15:03

10 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:35 – 07:10शुभ
काल07:10 – 08:45टालें
शुभ08:45 – 10:19शुभ
रोग10:19 – 11:54टालें
उद्वेग11:54 – 13:29टालें
चर13:29 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:38शुभ
अमृत16:38 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:13 – 19:38सामान्य
रोग19:38 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:19टालें
शुभ01:19 – 02:44शुभ
अमृत02:44 – 04:09शुभ
चर04:09 – 05:34सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3506:38दिन
शनि06:3807:41दिन
गुरु07:4108:45दिन
मंगल08:4509:48दिन
सूर्य09:4810:51दिन
शुक्र10:5111:54दिन
बुध11:5412:57दिन
चंद्र12:5714:00दिन
शनि14:0015:03दिन
गुरु15:0316:07दिन
मंगल16:0717:10दिन
सूर्य17:1018:13दिन
शुक्र18:1319:10रात
बुध19:1020:06रात
चंद्र20:0621:03रात
शनि21:0322:00रात
गुरु22:0022:57रात
मंगल22:5723:54रात
सूर्य23:5400:50रात
शुक्र00:5001:47रात
बुध01:4702:44रात
चंद्र02:4403:41रात
शनि03:4104:37रात
गुरु04:3705:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 मई 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
6 मई 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 मई 2028वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2520° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।