28 दिसंबर 2024 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 28 दिसंबर 2024, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 28 दिसंबर 2024 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (14:03 तक), नक्षत्र अनुराधा (08:43 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:25 पर है। राहुकाल 10:04 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:25
रात 07:57 तक
तिथि
त्रयोदशी, 14:03 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 14:03 तक
कृष्ण चतुर्दशी 14:32, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:52, 29 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 08:53 तक
गंडअशुभ 08:11, 29 दिस॰ तक
करण
वणिज 14:03 तक
विष्टि (भद्रा) 02:22, 29 दिस॰ तक
शकुनि 14:32, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:25
चंद्रोदय
06:21
चंद्रास्त
14:06
दिनमान
8h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:04 – 11:07
यमगंड
13:14 – 14:18
गुलिक काल
07:57 – 09:00

28 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:57 – 09:00टालें
शुभ09:00 – 10:04शुभ
रोग10:04 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:11टालें
चर12:11 – 13:14सामान्य
लाभ13:14 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:21शुभ
काल15:21 – 16:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:25 – 18:21शुभ
उद्वेग18:21 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 22:14शुभ
अमृत22:14 – 00:11शुभ
चर00:11 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 04:04टालें
काल04:04 – 06:00टालें
लाभ06:00 – 07:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:5708:39दिन
गुरु08:3909:21दिन
मंगल09:2110:04दिन
सूर्य10:0410:46दिन
शुक्र10:4611:28दिन
बुध11:2812:11दिन
चंद्र12:1112:53दिन
शनि12:5313:35दिन
गुरु13:3514:18दिन
मंगल14:1815:00दिन
सूर्य15:0015:43दिन
शुक्र15:4316:25दिन
बुध16:2517:43रात
चंद्र17:4319:00रात
शनि19:0020:18रात
गुरु20:1821:36रात
मंगल21:3622:53रात
सूर्य22:5300:11रात
शुक्र00:1101:29रात
बुध01:2902:46रात
चंद्र02:4604:04रात
शनि04:0405:22रात
गुरु05:2206:39रात
मंगल06:3907:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 दिस॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2062° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।