22 अक्टूबर 2025 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (07:47 तक), नक्षत्र स्वाति (13:21 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:39 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:39 – 18:07
रात 07:40 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 13:21 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 07:47 तक
शुक्ल द्वितीया 10:17, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 13:21 तक
विशाखा 16:21, 23 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 15:35 तक
आयुष्मान 16:29, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 07:47 तक
बालव 21:01 तक
कौलव 10:17, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:39
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
09:08
चंद्रास्त
18:13
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:45
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:11
यमगंड
08:57 – 10:16
गुलिक काल
11:34 – 12:53

22 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:39 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:16शुभ
काल10:16 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 12:53शुभ
रोग12:53 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:30टालें
चर15:30 – 16:49सामान्य
लाभ16:49 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:07 – 19:49टालें
शुभ19:49 – 21:30शुभ
अमृत21:30 – 23:12शुभ
चर23:12 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:35टालें
काल02:35 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:58शुभ
उद्वेग05:58 – 07:40टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3908:31दिन
चंद्र08:3109:23दिन
शनि09:2310:16दिन
गुरु10:1611:08दिन
मंगल11:0812:00दिन
सूर्य12:0012:53दिन
शुक्र12:5313:45दिन
बुध13:4514:38दिन
चंद्र14:3815:30दिन
शनि15:3016:22दिन
गुरु16:2217:15दिन
मंगल17:1518:07दिन
सूर्य18:0719:15रात
शुक्र19:1520:23रात
बुध20:2321:30रात
चंद्र21:3022:38रात
शनि22:3823:46रात
गुरु23:4600:54रात
मंगल00:5402:01रात
सूर्य02:0103:09रात
शुक्र03:0904:17रात
बुध04:1705:25रात
चंद्र05:2506:32रात
शनि06:3207:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 नव॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
3 नव॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
4 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2176° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।