12 जनवरी 2026 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 12 जनवरी 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 12 जनवरी 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (01:48, 13 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (10:36, 13 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:41 पर है। राहुकाल 09:00 से 10:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:41
रात 07:53 तक
तिथि
दशमी, 01:48 तक
एकादशी
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 01:48, 13 जन॰ तक
कृष्ण एकादशी 04:23, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 10:36, 13 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 05:34, 13 जन॰ तक
गंडअशुभ 06:25, 14 जन॰ तक
करण
वणिज 12:30 तक
विष्टि (भद्रा) 01:48, 13 जन॰ तक
बव 15:06, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 03:51, 13 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:41
चंद्रोदय
02:46
चंद्रास्त
11:48
दिनमान
8h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
09:00 – 10:06
यमगंड
11:12 – 12:17
गुलिक काल
13:23 – 14:29

12 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:54 – 09:00शुभ
काल09:00 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:23टालें
चर13:23 – 14:29सामान्य
लाभ14:29 – 15:35शुभ
अमृत15:35 – 16:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:41 – 18:35सामान्य
रोग18:35 – 20:29टालें
काल20:29 – 22:23टालें
लाभ22:23 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 04:05शुभ
अमृत04:05 – 05:59शुभ
चर05:59 – 07:53सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:5408:38दिन
शनि08:3809:22दिन
गुरु09:2210:06दिन
मंगल10:0610:50दिन
सूर्य10:5011:34दिन
शुक्र11:3412:17दिन
बुध12:1713:01दिन
चंद्र13:0113:45दिन
शनि13:4514:29दिन
गुरु14:2915:13दिन
मंगल15:1315:57दिन
सूर्य15:5716:41दिन
शुक्र16:4117:57रात
बुध17:5719:13रात
चंद्र19:1320:29रात
शनि20:2921:45रात
गुरु21:4523:01रात
मंगल23:0100:17रात
सूर्य00:1701:33रात
शुक्र01:3302:49रात
बुध02:4904:05रात
चंद्र04:0505:21रात
शनि05:2106:37रात
गुरु06:3707:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।