11 जनवरी 2026 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 11 जनवरी 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 11 जनवरी 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (23:13 तक), नक्षत्र स्वाति (07:35, 12 जन॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:40 पर है। राहुकाल 15:34 से 16:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:40
रात 07:54 तक
तिथि
नवमी, 23:13 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 07:35 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 23:13 तक
कृष्ण दशमी 01:48, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:35, 12 जन॰ तक
विशाखा 10:36, 13 जन॰ तक
योग
धृति 04:42, 12 जन॰ तक
शूलअशुभ 05:34, 13 जन॰ तक
करण
तैतिल 09:59 तक
गर 23:13 तक
वणिज 12:30, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:40
चंद्रोदय
01:37
चंद्रास्त
11:28
दिनमान
8h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
15:34 – 16:40
यमगंड
12:17 – 13:23
गुलिक काल
14:28 – 15:34

11 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:54 – 09:00टालें
चर09:00 – 10:06सामान्य
लाभ10:06 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:23टालें
शुभ13:23 – 14:28शुभ
रोग14:28 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 16:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:40 – 18:34शुभ
अमृत18:34 – 20:28शुभ
चर20:28 – 22:22सामान्य
रोग22:22 – 00:17टालें
काल00:17 – 02:11टालें
लाभ02:11 – 04:05शुभ
उद्वेग04:05 – 06:00टालें
शुभ06:00 – 07:54शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:5408:38दिन
शुक्र08:3809:22दिन
बुध09:2210:06दिन
चंद्र10:0610:50दिन
शनि10:5011:33दिन
गुरु11:3312:17दिन
मंगल12:1713:01दिन
सूर्य13:0113:45दिन
शुक्र13:4514:28दिन
बुध14:2815:12दिन
चंद्र15:1215:56दिन
शनि15:5616:40दिन
गुरु16:4017:56रात
मंगल17:5619:12रात
सूर्य19:1220:28रात
शुक्र20:2821:44रात
बुध21:4423:01रात
चंद्र23:0100:17रात
शनि00:1701:33रात
गुरु01:3302:49रात
मंगल02:4904:05रात
सूर्य04:0505:22रात
शुक्र05:2206:38रात
बुध06:3807:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।