28 फ़रवरी 2026 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:13 तक), नक्षत्र पुष्य (19:04 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 09:36 से 10:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:52
रात 06:49 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:39 तक
नक्षत्र
पुष्य, 19:04 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:13 तक
शुक्ल त्रयोदशी 05:39, 1 मार्च तक
शुक्ल चतुर्दशी 04:26, 2 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 19:04 तक
आश्लेषा 18:21, 1 मार्च तक
योग
शोभन 01:03, 1 मार्च तक
अतिगंडअशुभ 22:49, 1 मार्च तक
करण
बालव 07:13 तक
कौलव 18:24 तक
तैतिल 05:39, 1 मार्च तक
गर 17:00, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
14:43
चंद्रास्त
05:47
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
09:36 – 10:59
यमगंड
13:44 – 15:07
गुलिक काल
06:51 – 08:14

28 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:51 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:36शुभ
रोग09:36 – 10:59टालें
उद्वेग10:59 – 12:22टालें
चर12:22 – 13:44सामान्य
लाभ13:44 – 15:07शुभ
अमृत15:07 – 16:30शुभ
काल16:30 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:52 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 21:07टालें
शुभ21:07 – 22:44शुभ
अमृत22:44 – 00:21शुभ
चर00:21 – 01:58सामान्य
रोग01:58 – 03:35टालें
काल03:35 – 05:12टालें
लाभ05:12 – 06:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5107:46दिन
गुरु07:4608:41दिन
मंगल08:4109:36दिन
सूर्य09:3610:31दिन
शुक्र10:3111:27दिन
बुध11:2712:22दिन
चंद्र12:2213:17दिन
शनि13:1714:12दिन
गुरु14:1215:07दिन
मंगल15:0716:02दिन
सूर्य16:0216:57दिन
शुक्र16:5717:52दिन
बुध17:5218:57रात
चंद्र18:5720:02रात
शनि20:0221:07रात
गुरु21:0722:11रात
मंगल22:1123:16रात
सूर्य23:1600:21रात
शुक्र00:2101:25रात
बुध01:2502:30रात
चंद्र02:3003:35रात
शनि03:3504:40रात
गुरु04:4005:44रात
मंगल05:4406:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
6 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।