23 मार्च 2026 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 23 मार्च 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 23 मार्च 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (03:38, 24 मार्च तक), नक्षत्र कृत्तिका (08:19 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 08:38 से 10:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 19:26
रात 07:03 तक
तिथि
षष्ठी, 03:38 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी, 06:35 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 03:38, 24 मार्च तक
शुक्ल सप्तमी 01:20, 25 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:35, 24 मार्च तक
मृगशिरा 05:03, 25 मार्च तक
योग
प्रीति 20:37 तक
आयुष्मान 17:32, 24 मार्च तक
करण
कौलव 16:52 तक
तैतिल 03:38, 24 मार्च तक
गर 14:27, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
09:02
चंद्रास्त
00:53
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:51 – 13:40

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 10:10
यमगंड
11:43 – 13:16
गुलिक काल
14:48 – 16:21

23 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:10टालें
शुभ10:10 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:16टालें
उद्वेग13:16 – 14:48टालें
चर14:48 – 16:21सामान्य
लाभ16:21 – 17:54शुभ
अमृत17:54 – 19:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:26 – 20:53सामान्य
रोग20:53 – 22:20टालें
काल22:20 – 23:48टालें
लाभ23:48 – 01:15शुभ
उद्वेग01:15 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:09शुभ
अमृत04:09 – 05:36शुभ
चर05:36 – 07:03सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0508:07दिन
शनि08:0709:09दिन
गुरु09:0910:10दिन
मंगल10:1011:12दिन
सूर्य11:1212:14दिन
शुक्र12:1413:16दिन
बुध13:1614:17दिन
चंद्र14:1715:19दिन
शनि15:1916:21दिन
गुरु16:2117:23दिन
मंगल17:2318:24दिन
सूर्य18:2419:26दिन
शुक्र19:2620:24रात
बुध20:2421:22रात
चंद्र21:2222:20रात
शनि22:2023:19रात
गुरु23:1900:17रात
मंगल00:1701:15रात
सूर्य01:1502:13रात
शुक्र02:1303:11रात
बुध03:1104:09रात
चंद्र04:0905:07रात
शनि05:0706:05रात
गुरु06:0507:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैल 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अप्रैल 2026वैशाख अमावस्याअमावस्या
20 अप्रैल 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2234° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।