7 नवंबर 2026 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 7 नवंबर 2026, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 7 नवंबर 2026 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (21:58 तक), नक्षत्र चित्रा (16:22 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 16:42 पर है। राहुकाल 09:27 से 10:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 16:42
रात 07:04 तक
तिथि
चतुर्दशी, 21:58 तक
अमावस्या
नक्षत्र
चित्रा, 16:22 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 21:58 तक
अमावस्या 23:02, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 16:22 तक
स्वाति 17:54, 8 नव॰ तक
योग
प्रीति 13:57 तक
आयुष्मान 13:33, 8 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:35 तक
शकुनि 21:58 तक
चतुष्पद 10:27, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
16:42
चंद्रोदय
05:31
चंद्रास्त
15:34
दिनमान
9h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
09:27 – 10:40
यमगंड
13:05 – 14:17
गुलिक काल
07:02 – 08:15

7 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:02 – 08:15टालें
शुभ08:15 – 09:27शुभ
रोग09:27 – 10:40टालें
उद्वेग10:40 – 11:52टालें
चर11:52 – 13:05सामान्य
लाभ13:05 – 14:17शुभ
अमृत14:17 – 15:30शुभ
काल15:30 – 16:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:42 – 18:30शुभ
उद्वेग18:30 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 22:05शुभ
अमृत22:05 – 23:53शुभ
चर23:53 – 01:41सामान्य
रोग01:41 – 03:28टालें
काल03:28 – 05:16टालें
लाभ05:16 – 07:04शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0207:51दिन
गुरु07:5108:39दिन
मंगल08:3909:27दिन
सूर्य09:2710:16दिन
शुक्र10:1611:04दिन
बुध11:0411:52दिन
चंद्र11:5212:41दिन
शनि12:4113:29दिन
गुरु13:2914:17दिन
मंगल14:1715:06दिन
सूर्य15:0615:54दिन
शुक्र15:5416:42दिन
बुध16:4217:54रात
चंद्र17:5419:06रात
शनि19:0620:18रात
गुरु20:1821:29रात
मंगल21:2922:41रात
सूर्य22:4123:53रात
शुक्र23:5301:05रात
बुध01:0502:17रात
चंद्र02:1703:28रात
शनि03:2804:40रात
गुरु04:4005:52रात
मंगल05:5207:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।