4 जनवरी 2027 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 4 जनवरी 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 4 जनवरी 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (07:10, 5 जन॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (10:45 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:31 पर है। राहुकाल 09:01 से 10:05 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:31
रात 07:57 तक
तिथि
त्रयोदशी, 07:10 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 07:10, 5 जन॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 09:44, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 13:37, 5 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 23:13 तक
वृद्धि 00:02, 6 जन॰ तक
करण
गर 17:56 तक
वणिज 07:10, 5 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 20:26, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:31
चंद्रोदय
05:50
चंद्रास्त
13:36
दिनमान
8h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
09:01 – 10:05
यमगंड
11:10 – 12:14
गुलिक काल
13:18 – 14:22

4 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:57 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:05टालें
शुभ10:05 – 11:10शुभ
रोग11:10 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:18टालें
चर13:18 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 16:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:31 – 18:27सामान्य
रोग18:27 – 20:22टालें
काल20:22 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 02:10टालें
शुभ02:10 – 04:05शुभ
अमृत04:05 – 06:01शुभ
चर06:01 – 07:57सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:5708:40दिन
शनि08:4009:23दिन
गुरु09:2310:05दिन
मंगल10:0510:48दिन
सूर्य10:4811:31दिन
शुक्र11:3112:14दिन
बुध12:1412:57दिन
चंद्र12:5713:40दिन
शनि13:4014:22दिन
गुरु14:2215:05दिन
मंगल15:0515:48दिन
सूर्य15:4816:31दिन
शुक्र16:3117:48रात
बुध17:4819:05रात
चंद्र19:0520:22रात
शनि20:2221:40रात
गुरु21:4022:57रात
मंगल22:5700:14रात
सूर्य00:1401:31रात
शुक्र01:3102:48रात
बुध02:4804:05रात
चंद्र04:0505:22रात
शनि05:2206:39रात
गुरु06:3907:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2344° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।