10 अप्रैल 2027 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 10 अप्रैल 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 10 अप्रैल 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (11:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:23, 11 अप्रैल तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 19:51 पर है। राहुकाल 09:50 से 11:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 19:51
रात 06:28 तक
तिथि
चतुर्थी, 11:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:23 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 11:10 तक
शुक्ल पंचमी 09:10, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:23, 11 अप्रैल तक
मृगशिरा 01:04, 12 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 09:51 तक
सौभाग्य 07:07, 11 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:10 तक
बव 22:11 तक
बालव 09:10, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
19:51
चंद्रोदय
08:01
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:37

अशुभ समय

राहुकाल
09:50 – 11:30
यमगंड
14:51 – 16:31
गुलिक काल
06:30 – 08:10

10 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:30 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:50शुभ
रोग09:50 – 11:30टालें
उद्वेग11:30 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:51सामान्य
लाभ14:51 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 18:11शुभ
काल18:11 – 19:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:51 – 21:11शुभ
उद्वेग21:11 – 22:31टालें
शुभ22:31 – 23:50शुभ
अमृत23:50 – 01:10शुभ
चर01:10 – 02:29सामान्य
रोग02:29 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:08टालें
लाभ05:08 – 06:28शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3007:37दिन
गुरु07:3708:43दिन
मंगल08:4309:50दिन
सूर्य09:5010:57दिन
शुक्र10:5712:04दिन
बुध12:0413:11दिन
चंद्र13:1114:17दिन
शनि14:1715:24दिन
गुरु15:2416:31दिन
मंगल16:3117:38दिन
सूर्य17:3818:45दिन
शुक्र18:4519:51दिन
बुध19:5120:44रात
चंद्र20:4421:37रात
शनि21:3722:31रात
गुरु22:3123:24रात
मंगल23:2400:17रात
सूर्य00:1701:10रात
शुक्र01:1002:03रात
बुध02:0302:56रात
चंद्र02:5603:49रात
शनि03:4904:42रात
गुरु04:4205:35रात
मंगल05:3506:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2380° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।