1 अक्टूबर 2027 को सिएटल का पंचांग

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:03 तक), नक्षत्र चित्रा (12:19 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 11:30 से 12:58 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 18:48
रात 07:09 तक
तिथि
द्वितीया, 15:03 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 12:19 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:03 तक
शुक्ल तृतीया 13:39, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 12:19 तक
स्वाति 11:33, 2 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:11, 2 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 01:15, 3 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 15:03 तक
तैतिल 02:16, 2 अक्टू॰ तक
गर 13:39, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
09:23
चंद्रास्त
19:06
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
11:30 – 12:58
यमगंड
15:53 – 17:21
गुलिक काल
08:35 – 10:03

1 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:08 – 08:35सामान्य
लाभ08:35 – 10:03शुभ
अमृत10:03 – 11:30शुभ
काल11:30 – 12:58टालें
शुभ12:58 – 14:26शुभ
रोग14:26 – 15:53टालें
उद्वेग15:53 – 17:21टालें
चर17:21 – 18:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:48 – 20:21टालें
काल20:21 – 21:53टालें
लाभ21:53 – 23:26शुभ
उद्वेग23:26 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:31शुभ
अमृत02:31 – 04:04शुभ
चर04:04 – 05:37सामान्य
रोग05:37 – 07:09टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0808:06दिन
बुध08:0609:05दिन
चंद्र09:0510:03दिन
शनि10:0311:01दिन
गुरु11:0112:00दिन
मंगल12:0012:58दिन
सूर्य12:5813:56दिन
शुक्र13:5614:55दिन
बुध14:5515:53दिन
चंद्र15:5316:52दिन
शनि16:5217:50दिन
गुरु17:5018:48दिन
मंगल18:4819:50रात
सूर्य19:5020:52रात
शुक्र20:5221:53रात
बुध21:5322:55रात
चंद्र22:5523:57रात
शनि23:5700:59रात
गुरु00:5902:00रात
मंगल02:0003:02रात
सूर्य03:0204:04रात
शुक्र04:0405:06रात
बुध05:0606:07रात
चंद्र06:0707:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।