22 दिसंबर 2027 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 22 दिसंबर 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 22 दिसंबर 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:11 तक), नक्षत्र चित्रा (10:39 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:55 पर और सूर्यास्त 16:20 पर है। राहुकाल 12:07 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:55 – 16:20
रात 07:55 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:11 तक
कृष्ण एकादशी 09:42, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 10:39 तक
स्वाति 10:47, 23 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 22:13 तक
सुकर्मा 20:47, 23 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:11 तक
बव 21:53 तक
बालव 09:42, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:55
सूर्यास्त
16:20
चंद्रोदय
02:46
चंद्रास्त
12:37
दिनमान
8h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:52
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:07 – 13:11
यमगंड
08:58 – 10:01
गुलिक काल
11:04 – 12:07

22 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:55 – 08:58शुभ
अमृत08:58 – 10:01शुभ
काल10:01 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:07शुभ
रोग12:07 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:20 – 18:17टालें
शुभ18:17 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 22:11शुभ
चर22:11 – 00:08सामान्य
रोग00:08 – 02:05टालें
काल02:05 – 04:01टालें
लाभ04:01 – 05:58शुभ
उद्वेग05:58 – 07:55टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:5508:37दिन
चंद्र08:3709:19दिन
शनि09:1910:01दिन
गुरु10:0110:43दिन
मंगल10:4311:25दिन
सूर्य11:2512:07दिन
शुक्र12:0712:50दिन
बुध12:5013:32दिन
चंद्र13:3214:14दिन
शनि14:1414:56दिन
गुरु14:5615:38दिन
मंगल15:3816:20दिन
सूर्य16:2017:38रात
शुक्र17:3818:56रात
बुध18:5620:14रात
चंद्र20:1421:32रात
शनि21:3222:50रात
गुरु22:5000:08रात
मंगल00:0801:26रात
सूर्य01:2602:43रात
शुक्र02:4304:01रात
बुध04:0105:19रात
चंद्र05:1906:37रात
शनि06:3707:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 दिस॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 दिस॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2478° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।