3 मार्च 2028 को सिएटल का पंचांग

शुक्रवार, 3 मार्च 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 3 मार्च 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:14 तक), नक्षत्र रोहिणी (06:55, 4 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:44 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:44 – 17:58
रात 06:42 तक
तिथि
सप्तमी, 13:14 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:14 तक
शुक्ल अष्टमी 12:40, 4 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:55, 4 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 07:53 तक
विष्कंभअशुभ 06:24, 4 मार्च तक
प्रीति 04:24, 5 मार्च तक
करण
वणिज 13:14 तक
विष्टि (भद्रा) 01:02, 4 मार्च तक
बव 12:40, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:44
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
09:28
चंद्रास्त
01:16
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:21
यमगंड
15:09 – 16:34
गुलिक काल
08:08 – 09:33

3 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:44 – 08:08सामान्य
लाभ08:08 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:34टालें
चर16:34 – 17:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:58 – 19:33टालें
काल19:33 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:44शुभ
उद्वेग22:44 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:31शुभ
चर03:31 – 05:07सामान्य
रोग05:07 – 06:42टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4407:40दिन
बुध07:4008:36दिन
चंद्र08:3609:33दिन
शनि09:3310:29दिन
गुरु10:2911:25दिन
मंगल11:2512:21दिन
सूर्य12:2113:17दिन
शुक्र13:1714:13दिन
बुध14:1315:09दिन
चंद्र15:0916:05दिन
शनि16:0517:02दिन
गुरु17:0217:58दिन
मंगल17:5819:01रात
सूर्य19:0120:05रात
शुक्र20:0521:09रात
बुध21:0922:13रात
चंद्र22:1323:16रात
शनि23:1600:20रात
गुरु00:2001:24रात
मंगल01:2402:27रात
सूर्य02:2703:31रात
शुक्र03:3104:35रात
बुध04:3505:38रात
चंद्र05:3806:42रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
13 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।