4 मार्च 2028 को सिएटल का पंचांग

शनिवार, 4 मार्च 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:40 तक), नक्षत्र रोहिणी (06:55 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 09:31 से 10:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:59
रात 06:40 तक
तिथि
अष्टमी, 12:40 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 06:30 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:40 तक
शुक्ल नवमी 11:25, 5 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:55 तक
मृगशिरा 06:30, 5 मार्च तक
आर्द्रा 05:25, 6 मार्च तक
योग
प्रीति 04:24, 5 मार्च तक
आयुष्मान 01:51, 6 मार्च तक
करण
बव 12:40 तक
बालव 00:08, 5 मार्च तक
कौलव 11:25, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:48 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
10:19
चंद्रास्त
02:21
दिनमान
11h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:31 – 10:56
यमगंड
13:45 – 15:10
गुलिक काल
06:42 – 08:07

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:42 – 08:07टालें
शुभ08:07 – 09:31शुभ
रोग09:31 – 10:56टालें
उद्वेग10:56 – 12:21टालें
चर12:21 – 13:45सामान्य
लाभ13:45 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:35शुभ
काल16:35 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:59 – 19:34शुभ
उद्वेग19:34 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:45शुभ
अमृत22:45 – 00:20शुभ
चर00:20 – 01:55सामान्य
रोग01:55 – 03:30टालें
काल03:30 – 05:05टालें
लाभ05:05 – 06:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4207:39दिन
गुरु07:3908:35दिन
मंगल08:3509:31दिन
सूर्य09:3110:28दिन
शुक्र10:2811:24दिन
बुध11:2412:21दिन
चंद्र12:2113:17दिन
शनि13:1714:14दिन
गुरु14:1415:10दिन
मंगल15:1016:06दिन
सूर्य16:0617:03दिन
शुक्र17:0317:59दिन
बुध17:5919:03रात
चंद्र19:0320:06रात
शनि20:0621:10रात
गुरु21:1022:13रात
मंगल22:1323:16रात
सूर्य23:1600:20रात
शुक्र00:2001:23रात
बुध01:2302:27रात
चंद्र02:2703:30रात
शनि03:3004:33रात
गुरु04:3305:37रात
मंगल05:3706:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
13 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।