12 अक्टूबर 2028 को सिएटल का पंचांग

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (14:53 तक), नक्षत्र पुष्य (19:44 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:24 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 14:17 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:24 – 18:25
रात 07:26 तक
तिथि
नवमी, 14:53 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 19:44 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 14:53 तक
कृष्ण दशमी 12:43, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 19:44 तक
आश्लेषा 18:09, 13 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 15:25 तक
साध्य 12:30, 13 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:53 तक
वणिज 01:53, 13 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:43, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:24
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
00:21
चंद्रास्त
15:37
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:41 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:17 – 15:40
यमगंड
07:24 – 08:47
गुलिक काल
10:10 – 11:32

12 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:24 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:10टालें
उद्वेग10:10 – 11:32टालें
चर11:32 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:17शुभ
अमृत14:17 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:25 – 20:03शुभ
चर20:03 – 21:40सामान्य
रोग21:40 – 23:18टालें
काल23:18 – 00:55टालें
लाभ00:55 – 02:33शुभ
उद्वेग02:33 – 04:11टालें
शुभ04:11 – 05:48शुभ
अमृत05:48 – 07:26शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2408:19दिन
मंगल08:1909:14दिन
सूर्य09:1410:10दिन
शुक्र10:1011:05दिन
बुध11:0512:00दिन
चंद्र12:0012:55दिन
शनि12:5513:50दिन
गुरु13:5014:45दिन
मंगल14:4515:40दिन
सूर्य15:4016:35दिन
शुक्र16:3517:30दिन
बुध17:3018:25दिन
चंद्र18:2519:30रात
शनि19:3020:35रात
गुरु20:3521:40रात
मंगल21:4022:45रात
सूर्य22:4523:50रात
शुक्र23:5000:55रात
बुध00:5502:00रात
चंद्र02:0003:06रात
शनि03:0604:11रात
गुरु04:1105:16रात
मंगल05:1606:21रात
सूर्य06:2107:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
5 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2591° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।