21 जनवरी 2029 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 21 जनवरी 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 21 जनवरी 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (22:13 तक), नक्षत्र रेवती (17:42 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:47 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 15:46 से 16:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:47 – 16:54
रात 07:46 तक
तिथि
सप्तमी, 22:13 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रेवती, 17:42 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 22:13 तक
शुक्ल अष्टमी 00:27, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 17:42 तक
अश्विनी 20:26, 22 जन॰ तक
योग
सिद्ध 21:19 तक
साध्य 21:56, 22 जन॰ तक
करण
गर 08:59 तक
वणिज 22:13 तक
विष्टि (भद्रा) 11:23, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 17:42 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:47
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
10:14
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
9h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:48 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:46 – 16:54
यमगंड
12:21 – 13:29
गुलिक काल
14:37 – 15:46

21 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:47 – 08:55टालें
चर08:55 – 10:04सामान्य
लाभ10:04 – 11:12शुभ
अमृत11:12 – 12:21शुभ
काल12:21 – 13:29टालें
शुभ13:29 – 14:37शुभ
रोग14:37 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 16:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:54 – 18:45शुभ
अमृत18:45 – 20:37शुभ
चर20:37 – 22:29सामान्य
रोग22:29 – 00:20टालें
काल00:20 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:55टालें
शुभ05:55 – 07:46शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:4708:33दिन
शुक्र08:3309:18दिन
बुध09:1810:04दिन
चंद्र10:0410:49दिन
शनि10:4911:35दिन
गुरु11:3512:21दिन
मंगल12:2113:06दिन
सूर्य13:0613:52दिन
शुक्र13:5214:37दिन
बुध14:3715:23दिन
चंद्र15:2316:08दिन
शनि16:0816:54दिन
गुरु16:5418:08रात
मंगल18:0819:23रात
सूर्य19:2320:37रात
शुक्र20:3721:51रात
बुध21:5123:06रात
चंद्र23:0600:20रात
शनि00:2001:34रात
गुरु01:3402:49रात
मंगल02:4904:03रात
सूर्य04:0305:17रात
शुक्र05:1706:32रात
बुध06:3207:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।