22 फ़रवरी 2029 को सिएटल का पंचांग

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 22 फ़रवरी 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (20:36 तक), नक्षत्र रोहिणी (10:43 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 17:44
रात 07:00 तक
तिथि
नवमी, 20:36 तक
दशमी
नक्षत्र
रोहिणी, 10:43 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 20:36 तक
शुक्ल दशमी 20:34, 23 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:43 तक
मृगशिरा 11:36, 23 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 03:49, 23 फ़र॰ तक
प्रीति 02:26, 24 फ़र॰ तक
करण
बालव 08:19 तक
कौलव 20:36 तक
तैतिल 08:42, 23 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:16 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
11:01
चंद्रास्त
02:46
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:03
यमगंड
07:01 – 08:22
गुलिक काल
09:42 – 11:02

22 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:01 – 08:22शुभ
रोग08:22 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 13:43शुभ
अमृत13:43 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:23टालें
शुभ16:23 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:44 – 19:23शुभ
चर19:23 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:22टालें
लाभ00:22 – 02:01शुभ
उद्वेग02:01 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:20शुभ
अमृत05:20 – 07:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0107:55दिन
मंगल07:5508:48दिन
सूर्य08:4809:42दिन
शुक्र09:4210:36दिन
बुध10:3611:29दिन
चंद्र11:2912:23दिन
शनि12:2313:16दिन
गुरु13:1614:10दिन
मंगल14:1015:03दिन
सूर्य15:0315:57दिन
शुक्र15:5716:50दिन
बुध16:5017:44दिन
चंद्र17:4418:50रात
शनि18:5019:56रात
गुरु19:5621:03रात
मंगल21:0322:09रात
सूर्य22:0923:15रात
शुक्र23:1500:22रात
बुध00:2201:28रात
चंद्र01:2802:34रात
शनि02:3403:41रात
गुरु03:4104:47रात
मंगल04:4705:53रात
सूर्य05:5307:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2642° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।