4 मार्च 2029 को सिएटल का पंचांग

रविवार, 4 मार्च 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

रविवार, 4 मार्च 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (16:10 तक), नक्षत्र स्वाति (15:27 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:34 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 17:59
रात 06:41 तक
तिथि
पंचमी, 16:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
स्वाति, 15:27 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 16:10 तक
कृष्ण षष्ठी 13:56, 5 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 15:27 तक
विशाखा 13:55, 5 मार्च तक
योग
ध्रुव 14:49 तक
व्याघातअशुभ 11:47, 5 मार्च तक
करण
तैतिल 16:10 तक
गर 02:58, 5 मार्च तक
वणिज 13:56, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
08:12
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
16:34 – 17:59
यमगंड
12:21 – 13:45
गुलिक काल
15:10 – 16:34

4 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:43 – 08:07टालें
चर08:07 – 09:32सामान्य
लाभ09:32 – 10:56शुभ
अमृत10:56 – 12:21शुभ
काल12:21 – 13:45टालें
शुभ13:45 – 15:10शुभ
रोग15:10 – 16:34टालें
उद्वेग16:34 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:34शुभ
अमृत19:34 – 21:09शुभ
चर21:09 – 22:45सामान्य
रोग22:45 – 00:20टालें
काल00:20 – 01:55टालें
लाभ01:55 – 03:30शुभ
उद्वेग03:30 – 05:05टालें
शुभ05:05 – 06:41शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4307:39दिन
शुक्र07:3908:35दिन
बुध08:3509:32दिन
चंद्र09:3210:28दिन
शनि10:2811:24दिन
गुरु11:2412:21दिन
मंगल12:2113:17दिन
सूर्य13:1714:13दिन
शुक्र14:1315:10दिन
बुध15:1016:06दिन
चंद्र16:0617:03दिन
शनि17:0317:59दिन
गुरु17:5919:02रात
मंगल19:0220:06रात
सूर्य20:0621:09रात
शुक्र21:0922:13रात
बुध22:1323:16रात
चंद्र23:1600:20रात
शनि00:2001:23रात
गुरु01:2302:27रात
मंगल02:2703:30रात
सूर्य03:3004:34रात
शुक्र04:3405:37रात
बुध05:3706:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
1 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।