8 मार्च 2026 को वॉशिंगटन डी.सी. का पंचांग

रविवार, 8 मार्च 2026, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 8 मार्च 2026 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (11:41 तक), नक्षत्र विशाखा (06:41, 9 मार्च तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:30 पर और सूर्यास्त 19:08 पर है। राहुकाल 17:40 से 19:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:30 – 19:08
रात 07:28 तक
तिथि
पंचमी, 11:41 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 06:41 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 11:41 तक
कृष्ण षष्ठी 13:57, 9 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 06:41, 9 मार्च तक
अनुराधा 09:35, 10 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 22:05 तक
हर्षण 22:51, 9 मार्च तक
करण
तैतिल 11:41 तक
गर 00:47, 9 मार्च तक
वणिज 13:57, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 23:59 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:30
सूर्यास्त
19:08
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
09:40
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:40
अभिजीत मुहूर्त
12:55 – 13:42

अशुभ समय

राहुकाल
17:40 – 19:08
यमगंड
13:19 – 14:46
गुलिक काल
16:13 – 17:40

8 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:30 – 08:57टालें
चर08:57 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 11:51शुभ
अमृत11:51 – 13:19शुभ
काल13:19 – 14:46टालें
शुभ14:46 – 16:13शुभ
रोग16:13 – 17:40टालें
उद्वेग17:40 – 19:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:08 – 20:40शुभ
अमृत20:40 – 22:13शुभ
चर22:13 – 23:45सामान्य
रोग23:45 – 01:18टालें
काल01:18 – 02:50टालें
लाभ02:50 – 04:23शुभ
उद्वेग04:23 – 05:56टालें
शुभ05:56 – 07:28शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:3008:28दिन
शुक्र08:2809:26दिन
बुध09:2610:24दिन
चंद्र10:2411:22दिन
शनि11:2212:20दिन
गुरु12:2013:19दिन
मंगल13:1914:17दिन
सूर्य14:1715:15दिन
शुक्र15:1516:13दिन
बुध16:1317:11दिन
चंद्र17:1118:10दिन
शनि18:1019:08दिन
गुरु19:0820:09रात
मंगल20:0921:11रात
सूर्य21:1122:13रात
शुक्र22:1323:14रात
बुध23:1400:16रात
चंद्र00:1601:18रात
शनि01:1802:20रात
गुरु02:2003:21रात
मंगल03:2104:23रात
सूर्य04:2305:25रात
शुक्र05:2506:26रात
बुध06:2607:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां वॉशिंगटन डी.सी. में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2228° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।