20 सितंबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. का पंचांग

बुधवार, 20 सितंबर 2028, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 20 सितंबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (03:30, 21 सित॰ तक), नक्षत्र चित्रा (21:08 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 13:00 से 14:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 19:07
रात 06:55 तक
तिथि
तृतीया, 03:30 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 21:08 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 03:30, 21 सित॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 00:45, 22 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 21:08 तक
स्वाति 18:59, 21 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 09:35 तक
इंद्र 05:47, 21 सित॰ तक
वैधृतिअशुभ 02:28, 22 सित॰ तक
करण
तैतिल 17:06 तक
गर 03:30, 21 सित॰ तक
वणिज 14:03, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:25 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
09:14
चंद्रास्त
19:56
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:25 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:00 – 14:32
यमगंड
08:26 – 09:57
गुलिक काल
11:29 – 13:00

20 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:54 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:57शुभ
काल09:57 – 11:29टालें
शुभ11:29 – 13:00शुभ
रोग13:00 – 14:32टालें
उद्वेग14:32 – 16:04टालें
चर16:04 – 17:35सामान्य
लाभ17:35 – 19:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:07 – 20:35टालें
शुभ20:35 – 22:04शुभ
अमृत22:04 – 23:32शुभ
चर23:32 – 01:01सामान्य
रोग01:01 – 02:29टालें
काल02:29 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 06:55टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5407:55दिन
चंद्र07:5508:56दिन
शनि08:5609:57दिन
गुरु09:5710:58दिन
मंगल10:5811:59दिन
सूर्य11:5913:00दिन
शुक्र13:0014:02दिन
बुध14:0215:03दिन
चंद्र15:0316:04दिन
शनि16:0417:05दिन
गुरु17:0518:06दिन
मंगल18:0619:07दिन
सूर्य19:0720:06रात
शुक्र20:0621:05रात
बुध21:0522:04रात
चंद्र22:0423:03रात
शनि23:0300:02रात
गुरु00:0201:01रात
मंगल01:0102:00रात
सूर्य02:0002:59रात
शुक्र02:5903:58रात
बुध03:5804:57रात
चंद्र04:5705:56रात
शनि05:5606:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां वॉशिंगटन डी.सी. में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2583° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।