20 अक्टूबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. का पंचांग

शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2028, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:02 तक), नक्षत्र अनुराधा (02:06, 21 अक्टू॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:23 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 11:30 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 07:23 – 18:21
रात 07:24 तक
तिथि
तृतीया, 14:02 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:06 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:02 तक
शुक्ल चतुर्थी 12:18, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:06, 21 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 01:31, 22 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 08:56 तक
सौभाग्य 06:13, 21 अक्टू॰ तक
शोभन 04:09, 22 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:02 तक
वणिज 01:04, 21 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:18, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:23
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
10:30
चंद्रास्त
20:00
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 – 06:31
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
11:30 – 12:52
यमगंड
15:37 – 16:59
गुलिक काल
08:45 – 10:07

20 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:23 – 08:45सामान्य
लाभ08:45 – 10:07शुभ
अमृत10:07 – 11:30शुभ
काल11:30 – 12:52टालें
शुभ12:52 – 14:14शुभ
रोग14:14 – 15:37टालें
उद्वेग15:37 – 16:59टालें
चर16:59 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:59टालें
काल19:59 – 21:37टालें
लाभ21:37 – 23:15शुभ
उद्वेग23:15 – 00:53टालें
शुभ00:53 – 02:30शुभ
अमृत02:30 – 04:08शुभ
चर04:08 – 05:46सामान्य
रोग05:46 – 07:24टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2308:18दिन
बुध08:1809:13दिन
चंद्र09:1310:07दिन
शनि10:0711:02दिन
गुरु11:0211:57दिन
मंगल11:5712:52दिन
सूर्य12:5213:47दिन
शुक्र13:4714:42दिन
बुध14:4215:37दिन
चंद्र15:3716:32दिन
शनि16:3217:26दिन
गुरु17:2618:21दिन
मंगल18:2119:27रात
सूर्य19:2720:32रात
शुक्र20:3221:37रात
बुध21:3722:42रात
चंद्र22:4223:47रात
शनि23:4700:53रात
गुरु00:5301:58रात
मंगल01:5803:03रात
सूर्य03:0304:08रात
शुक्र04:0805:13रात
बुध05:1306:19रात
चंद्र06:1907:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां वॉशिंगटन डी.सी. में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2594° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।