12 अगस्त 2026 को बेंगलुरु का चौघड़िया

बुधवार, 12 अगस्त 2026, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (23:06 तक), नक्षत्र पुष्य (08:00 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 12:24 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:42
रात 06:07 तक
तिथि
अमावस्या, 23:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 06:06 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अगस्त 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:07 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:50टालें
शुभ10:50 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:33टालें
चर15:33 – 17:07सामान्य
लाभ17:07 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:42 – 20:07टालें
शुभ20:07 – 21:33शुभ
अमृत21:33 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:50टालें
काल01:50 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:07टालें

12 अगस्त 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 23:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:42, 13 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 08:00 तक
आश्लेषा 06:06, 13 अग॰ तक
मघा 04:38, 14 अग॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 15:26 तक
वरीयान 12:16, 13 अग॰ तक
करण
चतुष्पद 12:27 तक
नाग 23:06 तक
किंस्तुघ्न 09:51, 13 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 06:06, 13 अग॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
05:28
चंद्रास्त
18:31
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 13:59
यमगंड
07:41 – 09:15
गुलिक काल
10:50 – 12:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0707:09दिन
चंद्र07:0908:12दिन
शनि08:1209:15दिन
गुरु09:1510:18दिन
मंगल10:1811:21दिन
सूर्य11:2112:24दिन
शुक्र12:2413:27दिन
बुध13:2714:30दिन
चंद्र14:3015:33दिन
शनि15:3316:36दिन
गुरु16:3617:39दिन
मंगल17:3918:42दिन
सूर्य18:4219:39रात
शुक्र19:3920:36रात
बुध20:3621:33रात
चंद्र21:3322:30रात
शनि22:3023:27रात
गुरु23:2700:24रात
मंगल00:2401:21रात
सूर्य01:2102:18रात
शुक्र02:1803:15रात
बुध03:1504:13रात
चंद्र04:1305:10रात
शनि05:1006:07रात

अयनांश 24.2288° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।