7 नवंबर 2029 को सिलचर का चौघड़िया

बुधवार, 7 नवंबर 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 नवंबर 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (06:08 तक), नक्षत्र विशाखा (07:16 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 16:34 पर है। राहुकाल 11:02 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 16:34
रात 05:30 तक
तिथि
द्वितीया, 02:37 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 04:33 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:29 – 06:52शुभ
अमृत06:52 – 08:16शुभ
काल08:16 – 09:39टालें
शुभ09:39 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 13:48टालें
चर13:48 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:34 – 18:11टालें
शुभ18:11 – 19:48शुभ
अमृत19:48 – 21:25शुभ
चर21:25 – 23:02सामान्य
रोग23:02 – 00:39टालें
काल00:39 – 02:16टालें
लाभ02:16 – 03:53शुभ
उद्वेग03:53 – 05:30टालें

7 नवंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 06:08 तक
शुक्ल द्वितीया 02:37, 8 नव॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:33, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:16 तक
अनुराधा 04:33, 8 नव॰ तक
ज्येष्ठा 02:17, 9 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 06:18 तक
शोभन 02:13, 8 नव॰ तक
अतिगंडअशुभ 22:29, 8 नव॰ तक
करण
बव 06:08 तक
बालव 16:20 तक
कौलव 02:37, 8 नव॰ तक
तैतिल 13:01, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
16:34
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
17:31
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
10:40 – 11:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:02 – 12:25
यमगंड
06:52 – 08:16
गुलिक काल
09:39 – 11:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2906:25दिन
चंद्र06:2507:20दिन
शनि07:2008:16दिन
गुरु08:1609:11दिन
मंगल09:1110:06दिन
सूर्य10:0611:02दिन
शुक्र11:0211:57दिन
बुध11:5712:53दिन
चंद्र12:5313:48दिन
शनि13:4814:44दिन
गुरु14:4415:39दिन
मंगल15:3916:34दिन
सूर्य16:3417:39रात
शुक्र17:3918:44रात
बुध18:4419:48रात
चंद्र19:4820:53रात
शनि20:5321:58रात
गुरु21:5823:02रात
मंगल23:0200:07रात
सूर्य00:0701:11रात
शुक्र01:1102:16रात
बुध02:1603:21रात
चंद्र03:2104:25रात
शनि04:2505:30रात

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।