वाहन खरीद मुहूर्त 2027 — कोलकाता
2027 में कोलकाता के लिए वाहन खरीद के 109 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।
वाहन खरीद का अगला मुहूर्त: शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 — 13:10 – 06:16 (2 जन॰)
जनवरी 2027 · 10 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 जन॰ | 13:10 – 06:16 (2 जन॰) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण दशमी |
| सोमवार, 4 जन॰ | 18:16 – 00:15 (5 जन॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 10 जन॰ | 07:07 – 15:47 17:09 – 06:18 (11 जन॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 11 जन॰ | 06:18 – 07:40 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 15 जन॰ | 14:13 – 23:51 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 20 जन॰ | 06:18 – 11:47 13:09 – 16:17 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 22 जन॰ | 06:18 – 10:25 11:48 – 06:18 (23 जन॰) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 27 जन॰ | 06:17 – 11:49 13:12 – 03:54 (28 जन॰) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 29 जन॰ | 06:16 – 10:26 11:49 – 01:54 (30 जन॰) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| रविवार, 31 जन॰ | 06:34 – 16:00 17:23 – 06:15 (1 फ़र॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण दशमी |
फ़रवरी 2027 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 11 फ़र॰ | 06:11 – 13:15 14:40 – 05:42 (12 फ़र॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 18 फ़र॰ | 14:42 – 06:05 (19 फ़र॰) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 19 फ़र॰ | 06:05 – 10:24 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 24 फ़र॰ | 20:40 – 06:01 (25 फ़र॰) नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 25 फ़र॰ | 06:01 – 13:16 14:43 – 06:00 (26 फ़र॰) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 26 फ़र॰ | 06:00 – 10:13 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 28 फ़र॰ | 05:59 – 13:47 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
मार्च 2027 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 5 मार्च | 11:48 – 05:54 (6 मार्च) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| बुधवार, 10 मार्च | 15:53 – 05:49 (11 मार्च) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| गुरुवार, 11 मार्च | 05:49 – 11:20 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 14 मार्च | 10:23 – 12:32 नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 15 मार्च | 10:51 – 05:44 (16 मार्च) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 17 मार्च | 06:45 – 11:45 13:15 – 05:43 (18 मार्च) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 18 मार्च | 05:43 – 13:15 14:45 – 01:51 (19 मार्च) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 22 मार्च | 20:46 – 05:38 (23 मार्च) नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 24 मार्च | 13:14 – 05:36 (25 मार्च) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 25 मार्च | 05:36 – 12:38 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 26 मार्च | 20:36 – 05:34 (27 मार्च) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
अप्रैल 2027 · 12 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 अप्रैल | 09:25 – 13:13 14:46 – 05:28 (2 अप्रैल) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 2 अप्रैल | 05:28 – 10:07 11:40 – 02:52 (3 अप्रैल) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 4 अप्रैल | 05:26 – 16:19 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 11 अप्रैल | 05:20 – 16:20 17:55 – 05:19 (12 अप्रैल) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 12 अप्रैल | 05:19 – 06:54 08:28 – 13:34 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 14 अप्रैल | 05:17 – 11:37 13:11 – 15:24 नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| सोमवार, 19 अप्रैल | 05:15 – 06:08 नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 21 अप्रैल | 05:11 – 11:35 13:11 – 03:30 (22 अप्रैल) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 23 अप्रैल | 05:32 – 09:58 11:35 – 04:21 (24 अप्रैल) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 28 अप्रैल | 17:30 – 05:05 (29 अप्रैल) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 29 अप्रैल | 05:05 – 13:11 नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 30 अप्रैल | 17:14 – 05:04 (1 मई) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण दशमी |
मई 2027 · 9 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 9 मई | 04:59 – 09:03 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 10 मई | 18:08 – 04:58 (11 मई) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| रविवार, 16 मई | 11:35 – 16:30 नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 17 मई | 16:28 – 04:55 (18 मई) नक्षत्र: चित्रा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 20 मई | 14:52 – 04:54 (21 मई) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 21 मई | 04:54 – 09:53 11:33 – 14:51 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 26 मई | 04:52 – 11:33 13:13 – 04:05 (27 मई) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 28 मई | 06:26 – 09:53 11:33 – 04:52 (29 मई) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| सोमवार, 31 मई | 12:35 – 04:51 (1 जून) नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण एकादशी |
जून 2027 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 7 जून | 04:51 – 06:32 08:13 – 15:26 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 13 जून | 04:51 – 16:40 18:21 – 04:51 (14 जून) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 14 जून | 04:51 – 06:32 08:14 – 02:08 (15 जून) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 16 जून | 19:44 – 03:20 (17 जून) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 23 जून | 15:43 – 04:53 (24 जून) नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 24 जून | 04:53 – 13:20 15:01 – 04:53 (25 जून) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 25 जून | 04:53 – 09:57 11:39 – 17:07 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 27 जून | 20:59 – 22:45 नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
जुलाई 2027 · 9 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 जुल॰ | 19:31 – 04:55 (2 जुल॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 2 जुल॰ | 04:55 – 09:59 11:40 – 15:23 नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 11 जुल॰ | 04:59 – 11:50 नक्षत्र: चित्रा · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| सोमवार, 12 जुल॰ | 11:41 – 23:56 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 14 जुल॰ | 05:00 – 11:42 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 19 जुल॰ | 14:23 – 23:48 नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 21 जुल॰ | 05:03 – 11:42 13:22 – 04:47 (22 जुल॰) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| रविवार, 25 जुल॰ | 05:04 – 09:53 नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 29 जुल॰ | 05:06 – 13:22 15:01 – 05:07 (30 जुल॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
अगस्त 2027 · 10 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 6 अग॰ | 07:33 – 10:04 11:42 – 05:10 (7 अग॰) नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 9 अग॰ | 05:11 – 06:22 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 11 अग॰ | 05:11 – 09:14 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 16 अग॰ | 10:29 – 05:14 (17 अग॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: पूर्णिमा |
| बुधवार, 18 अग॰ | 05:14 – 11:40 13:16 – 15:16 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| रविवार, 22 अग॰ | 05:15 – 11:11 नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| बुधवार, 25 अग॰ | 13:14 – 19:20 नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| गुरुवार, 26 अग॰ | 17:39 – 05:17 (27 अग॰) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 27 अग॰ | 05:17 – 10:02 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी |
| रविवार, 29 अग॰ | 09:36 – 16:21 17:56 – 03:45 (30 अग॰) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
सितंबर 2027 · 5 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 2 सित॰ | 17:36 – 05:19 (3 सित॰) नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 3 सित॰ | 05:19 – 10:01 11:35 – 14:19 नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| रविवार, 5 सित॰ | 05:20 – 14:30 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 13 सित॰ | 05:22 – 06:55 08:27 – 00:40 (14 सित॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| बुधवार, 15 सित॰ | 05:23 – 11:31 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: पूर्णिमा |
अक्टूबर 2027 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 4 अक्टू॰ | 05:28 – 06:57 08:27 – 00:44 (5 अक्टू॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| रविवार, 10 अक्टू॰ | 05:30 – 15:47 17:16 – 05:31 (11 अक्टू॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 11 अक्टू॰ | 05:31 – 06:59 08:27 – 14:09 नक्षत्र: धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 15 अक्टू॰ | 05:32 – 09:54 11:22 – 23:29 नक्षत्र: रेवती · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 20 अक्टू॰ | 05:34 – 11:21 12:47 – 22:30 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 22 अक्टू॰ | 11:56 – 05:36 (23 अक्टू॰) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| बुधवार, 27 अक्टू॰ | 13:01 – 22:50 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 31 अक्टू॰ | 17:13 – 05:40 (1 नव॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
नवंबर 2027 · 9 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| सोमवार, 1 नव॰ | 05:40 – 07:05 08:30 – 09:57 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 8 नव॰ | 05:44 – 07:08 08:32 – 03:14 (9 नव॰) नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 11 नव॰ | 10:07 – 12:43 14:07 – 05:47 (12 नव॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 12 नव॰ | 05:47 – 07:55 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 18 नव॰ | 05:50 – 12:44 14:06 – 05:51 (19 नव॰) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 19 नव॰ | 05:51 – 09:59 11:21 – 21:20 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| बुधवार, 24 नव॰ | 05:54 – 11:22 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 25 नव॰ | 10:51 – 12:45 14:07 – 05:56 (26 नव॰) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 26 नव॰ | 05:56 – 09:48 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
दिसंबर 2027 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 3 दिस॰ | 06:00 – 10:04 11:26 – 06:01 (4 दिस॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 6 दिस॰ | 06:02 – 07:23 08:45 – 11:40 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 8 दिस॰ | 16:13 – 06:04 (9 दिस॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 9 दिस॰ | 06:04 – 12:49 14:10 – 17:27 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| सोमवार, 13 दिस॰ | 06:07 – 07:28 08:48 – 06:07 (14 दिस॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| बुधवार, 15 दिस॰ | 16:13 – 06:09 (16 दिस॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 16 दिस॰ | 06:09 – 12:52 नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| बुधवार, 22 दिस॰ | 06:12 – 11:34 12:55 – 06:12 (23 दिस॰) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 23 दिस॰ | 06:12 – 12:55 14:16 – 23:12 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| गुरुवार, 30 दिस॰ | 10:07 – 12:59 14:20 – 06:16 (31 दिस॰) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| शुक्रवार, 31 दिस॰ | 06:16 – 08:12 नक्षत्र: श्रवण · तिथि: शुक्ल तृतीया |
कोलकाता के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।
प्रयुक्त नियम
वाहन खरीदना एक बड़ी खरीद है, और कई परिवार उसकी डिलीवरी शुभ समय पर लेना पसंद करते हैं। वाहन के लिए चर नक्षत्र सबसे अच्छे माने जाते हैं, साथ ही मृदु और क्षिप्र नक्षत्र भी, अनुकूल तिथि और वार पर। नीचे दी गई समय-अवधियों में उस दिन का राहुकाल शामिल नहीं किया गया है।
- चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
- तिथि (शुक्ल पक्ष): तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
- वार: रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
- पितृ पक्ष में कोई मुहूर्त नहीं
- केवल वे अवधियां जो रात 9 बजे से पहले शुरू हों
- राहुकाल को समय-अवधियों से बाहर रखा गया है
ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।
ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में वाहन खरीद के कितने मुहूर्त हैं?
इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2027 में कोलकाता के लिए वाहन खरीद के 109 शुभ दिन हैं।
वाहन खरीद के लिए अगली शुभ तिथि कब है?
अगली शुभ तिथि शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 है, मुहूर्त 13:10 – 06:16 (2 जन॰)।
कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?
मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।