8 जनवरी 2029 को बोस्टन का पंचांग

सोमवार, 8 जनवरी 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 8 जनवरी 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:30 तक), नक्षत्र चित्रा (07:13 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 16:29 पर है। राहुकाल 08:22 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 16:29
रात 07:12 तक
तिथि
नवमी, 17:30 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 06:07 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:30 तक
कृष्ण दशमी 15:50, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 07:13 तक
स्वाति 06:07, 9 जन॰ तक
विशाखा 05:15, 10 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 11:06 तक
धृति 08:27, 9 जन॰ तक
करण
गर 17:30 तक
वणिज 04:38, 9 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:50, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
16:29
चंद्रोदय
01:04
चंद्रास्त
11:20
दिनमान
9h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
08:22 – 09:32
यमगंड
10:41 – 11:51
गुलिक काल
13:00 – 14:10

8 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:13 – 08:22शुभ
काल08:22 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 11:51टालें
उद्वेग11:51 – 13:00टालें
चर13:00 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:19शुभ
अमृत15:19 – 16:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:29 – 18:19सामान्य
रोग18:19 – 20:10टालें
काल20:10 – 22:00टालें
लाभ22:00 – 23:51शुभ
उद्वेग23:51 – 01:41टालें
शुभ01:41 – 03:31शुभ
अमृत03:31 – 05:22शुभ
चर05:22 – 07:12सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1307:59दिन
शनि07:5908:45दिन
गुरु08:4509:32दिन
मंगल09:3210:18दिन
सूर्य10:1811:04दिन
शुक्र11:0411:51दिन
बुध11:5112:37दिन
चंद्र12:3713:24दिन
शनि13:2414:10दिन
गुरु14:1014:56दिन
मंगल14:5615:43दिन
सूर्य15:4316:29दिन
शुक्र16:2917:43रात
बुध17:4318:56रात
चंद्र18:5620:10रात
शनि20:1021:23रात
गुरु21:2322:37रात
मंगल22:3723:51रात
सूर्य23:5101:04रात
शुक्र01:0402:18रात
बुध02:1803:31रात
चंद्र03:3104:45रात
शनि04:4505:59रात
गुरु05:5907:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2625° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।