27 जुलाई 2028 को न्यूयॉर्क का पंचांग

गुरुवार, 27 जुलाई 2028, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 27 जुलाई 2028 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (02:33, 28 जुल॰ तक), नक्षत्र हस्त (05:56 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 20:15 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 20:15
रात 05:49 तक
तिथि
सप्तमी, 02:33 तक
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा, 04:37 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जुलाई 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:33, 28 जुल॰ तक
शुक्ल अष्टमी 00:55, 29 जुल॰ तक
नक्षत्र
हस्त 05:56 तक
चित्रा 04:37, 28 जुल॰ तक
स्वाति 03:49, 29 जुल॰ तक
योग
सिद्ध 15:29 तक
साध्य 12:54, 28 जुल॰ तक
करण
गर 15:33 तक
वणिज 02:33, 28 जुल॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:40, 28 जुल॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 17:13 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
20:15
चंद्रोदय
12:31
चंद्रास्त
23:09
दिनमान
14h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:39
यमगंड
05:48 – 07:37
गुलिक काल
09:25 – 11:13

27 जुलाई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:48 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:25टालें
उद्वेग09:25 – 11:13टालें
चर11:13 – 13:02सामान्य
लाभ13:02 – 14:50शुभ
अमृत14:50 – 16:39शुभ
काल16:39 – 18:27टालें
शुभ18:27 – 20:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:15 – 21:27शुभ
चर21:27 – 22:39सामान्य
रोग22:39 – 23:51टालें
काल23:51 – 01:02टालें
लाभ01:02 – 02:14शुभ
उद्वेग02:14 – 03:26टालें
शुभ03:26 – 04:37शुभ
अमृत04:37 – 05:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4807:00दिन
मंगल07:0008:13दिन
सूर्य08:1309:25दिन
शुक्र09:2510:37दिन
बुध10:3711:49दिन
चंद्र11:4913:02दिन
शनि13:0214:14दिन
गुरु14:1415:26दिन
मंगल15:2616:39दिन
सूर्य16:3917:51दिन
शुक्र17:5119:03दिन
बुध19:0320:15दिन
चंद्र20:1521:03रात
शनि21:0321:51रात
गुरु21:5122:39रात
मंगल22:3923:27रात
सूर्य23:2700:14रात
शुक्र00:1401:02रात
बुध01:0201:50रात
चंद्र01:5002:38रात
शनि02:3803:26रात
गुरु03:2604:13रात
मंगल04:1305:01रात
सूर्य05:0105:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
31 जुल॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
2 अग॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
4 अग॰ 2028श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
9 अग॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अग॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अग॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अग॰ 2028सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
18 अग॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अग॰ 2028भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
23 अग॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2562° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।