25 मार्च 2027 को सिएटल का पंचांग

गुरुवार, 25 मार्च 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 25 मार्च 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (00:13, 26 मार्च तक), नक्षत्र स्वाति (07:09 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 19:29 पर है। राहुकाल 14:49 से 16:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 19:29
रात 07:00 तक
तिथि
चतुर्थी, 00:13 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 00:13, 26 मार्च तक
कृष्ण पंचमी 01:03, 27 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 07:09 तक
विशाखा 08:06, 26 मार्च तक
योग
हर्षण 17:51 तक
वज्रअशुभ 17:15, 26 मार्च तक
करण
बव 12:05 तक
बालव 00:13, 26 मार्च तक
कौलव 12:33, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 01:48, 26 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
19:29
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
07:59
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:50 – 13:40

अशुभ समय

राहुकाल
14:49 – 16:22
यमगंड
07:02 – 08:35
गुलिक काल
10:08 – 11:42

25 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:02 – 08:35शुभ
रोग08:35 – 10:08टालें
उद्वेग10:08 – 11:42टालें
चर11:42 – 13:15सामान्य
लाभ13:15 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:22शुभ
काल16:22 – 17:55टालें
शुभ17:55 – 19:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:29 – 20:55शुभ
चर20:55 – 22:21सामान्य
रोग22:21 – 23:48टालें
काल23:48 – 01:14टालें
लाभ01:14 – 02:41शुभ
उद्वेग02:41 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:33शुभ
अमृत05:33 – 07:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0208:04दिन
मंगल08:0409:06दिन
सूर्य09:0610:08दिन
शुक्र10:0811:11दिन
बुध11:1112:13दिन
चंद्र12:1313:15दिन
शनि13:1514:17दिन
गुरु14:1715:20दिन
मंगल15:2016:22दिन
सूर्य16:2217:24दिन
शुक्र17:2418:26दिन
बुध18:2619:29दिन
चंद्र19:2920:26रात
शनि20:2621:24रात
गुरु21:2422:21रात
मंगल22:2123:19रात
सूर्य23:1900:17रात
शुक्र00:1701:14रात
बुध01:1402:12रात
चंद्र02:1203:09रात
शनि03:0904:07रात
गुरु04:0705:05रात
मंगल05:0506:02रात
सूर्य06:0207:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।