26 मार्च 2027 को सिएटल का पंचांग

शुक्रवार, 26 मार्च 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 26 मार्च 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:03, 27 मार्च तक), नक्षत्र विशाखा (08:06 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 19:30 पर है। राहुकाल 11:41 से 13:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 19:30
रात 06:58 तक
तिथि
पंचमी, 01:03 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:03, 27 मार्च तक
कृष्ण षष्ठी 02:35, 28 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 08:06 तक
अनुराधा 09:45, 27 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 17:15 तक
सिद्धि 17:12, 27 मार्च तक
करण
कौलव 12:33 तक
तैतिल 01:03, 27 मार्च तक
गर 13:44, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
19:30
चंद्रोदय
00:08
चंद्रास्त
08:29
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:50 – 13:40

अशुभ समय

राहुकाल
11:41 – 13:15
यमगंड
16:23 – 17:56
गुलिक काल
08:33 – 10:07

26 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:00 – 08:33सामान्य
लाभ08:33 – 10:07शुभ
अमृत10:07 – 11:41शुभ
काल11:41 – 13:15टालें
शुभ13:15 – 14:49शुभ
रोग14:49 – 16:23टालें
उद्वेग16:23 – 17:56टालें
चर17:56 – 19:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:30 – 20:56टालें
काल20:56 – 22:22टालें
लाभ22:22 – 23:48शुभ
उद्वेग23:48 – 01:14टालें
शुभ01:14 – 02:40शुभ
अमृत02:40 – 04:06शुभ
चर04:06 – 05:32सामान्य
रोग05:32 – 06:58टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0008:02दिन
बुध08:0209:05दिन
चंद्र09:0510:07दिन
शनि10:0711:10दिन
गुरु11:1012:12दिन
मंगल12:1213:15दिन
सूर्य13:1514:17दिन
शुक्र14:1715:20दिन
बुध15:2016:23दिन
चंद्र16:2317:25दिन
शनि17:2518:28दिन
गुरु18:2819:30दिन
मंगल19:3020:27रात
सूर्य20:2721:25रात
शुक्र21:2522:22रात
बुध22:2223:19रात
चंद्र23:1900:17रात
शनि00:1701:14रात
गुरु01:1402:11रात
मंगल02:1103:08रात
सूर्य03:0804:06रात
शुक्र04:0605:03रात
बुध05:0306:00रात
चंद्र06:0006:58रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2375° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।